एक की मौत, तीन गंभीर; एक सप्ताह में 10 से ज्यादा मवेशियों की जान गई,
हाईवे-18 पर लगातार बढ़ रहे हादसे, चार गौशालाओं के बावजूद सड़कों पर घूम रहे निराश्रित मवेशी; ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर बारिश के मौसम में बेजुबान मवेशियों की जान पर संकट गहराता जा रहा है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात देहरी गांव के पास हाईवे पर बैठे गायों के झुंड को एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल मवेशी लंबे समय तक सड़क किनारे तड़पते रहे, लेकिन उनके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।
लगातार हो रहे इन हादसों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और निराश्रित मवेशियों के संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक सप्ताह के भीतर हाईवे-18 पर 10 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। इससे पशुपालकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
एक सप्ताह में कई दर्दनाक हादसे
पिछले सप्ताह एयर फोर्स कैंप बालमपुर के सामने भी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने गाय को टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक वाहन सहित फरार हो गया और गाय का शव कई घंटों तक हाईवे पर पड़ा रहा।
बालमपुर चौराहे पर इससे पहले भी दो मवेशियों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। वहीं कुछ दिन पहले दीवानगंज के फैक्ट्री चौराहे पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने पांच गायों को कुचल दिया था, जिनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसे अब स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।
चार गौशालाएं, फिर भी हाईवे पर जानलेवा हालात
दीवानगंज क्षेत्र के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में चार गौशालाओं का निर्माण कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में निराश्रित मवेशी हाईवे पर घूम रहे हैं।भारतीपुर गौशाला संचालित है।सेमरा गौशाला बनकर तैयार है।गीदगढ़ गौशाला बिजली और पानी के अभाव में शुरू नहीं हो सकी।बालमपुर गौशाला का निर्माण अभी जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन गौशालाओं का प्रभावी संचालन होता और निराश्रित मवेशियों को वहां पहुंचाया जाता, तो इन बेजुबानों की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से हाईवे पर घूम रहे निराश्रित मवेशियों को तत्काल गौशालाओं में पहुंचाने, अधूरी गौशालाओं का निर्माण शीघ्र पूरा कराने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, चेतावनी संकेत लगाने और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बेजुबान पशुओं की मौत का सिलसिला जारी रहेगा और भविष्य में कोई बड़ा सड़क हादसा भी हो सकता है।