मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम गीदगढ़ की पुलिया के पास देर शाम एक मजदूर ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान बबलू पिता रामदयाल आदिवासी (40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो क्षेत्र के एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बबलू बालमपुर हाट बाजार से लौटकर ईंट भट्टे की ओर जा रहा था। इसी दौरान ग्राम गीदगढ़ की पुलिया के समीप वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसके एक पैर में गंभीर चोट आई और वह रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था में पड़ा रहा।
घटना की सूचना मिलते ही दीवानगंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी सुनील शर्मा, आरक्षक संदीप रघुवंशी एवं परितोष ने घायल को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई तथा चौकी वाहन से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उसे अस्पताल भेजा गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते घायल को समय पर उपचार मिल सका। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज जारी है और चिकित्सक उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
दीवानगंज स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
घटना के बाद एक बार फिर दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन पर नियमित रूप से आरपीएफ या जीआरपी के जवान तैनात नहीं रहते, जबकि यह स्टेशन दिल्ली-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर स्थित महत्वपूर्ण स्टेशन है।
ग्रामीणों के अनुसार रेलवे ट्रैक पर दुर्घटना, आत्महत्या अथवा ट्रेन से गिरकर घायल होने जैसी घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। ऐसे मामलों में रेलवे पुलिस को भोपाल या विदिशा से मौके पर पहुंचना पड़ता है, जिससे काफी समय लग जाता है। कई बार शव और घायल लंबे समय तक ट्रैक के पास ही पड़े रहते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि आसपास की बस्तियों के लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते हैं और कई बार ट्रेन के नीचे से निकलने का प्रयास करते हैं। इसके बावजूद रेलवे विभाग द्वारा सुरक्षा इंतजाम मजबूत नहीं किए जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने दीवानगंज स्टेशन पर स्थायी रूप से आरपीएफ अथवा जीआरपी की तैनाती तथा सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।