मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
रायसेन जिले के सांची विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गीदगढ़ के सरपंच लीला किशन अहिरवार के नेतृत्व में रविवार को ग्रामीणों ने भोपाल पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को उनके बंगले पर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के नेतृत्व में दिया गया।
ग्रामीणों ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि सांची ब्लॉक के पटवारी हल्का नंबर 10 की लगभग 722 एकड़ जमीन, जो वर्ष 1963 में वन विभाग से राजस्व विभाग को हस्तांतरित हो चुकी है, उसका आज तक राजस्व रिकॉर्ड में सही दर्ज (राजस्व अभिलेखों में एंट्री) नहीं किया गया है।
80 साल से खेती, फिर भी नहीं अधिकार
आवेदन में बताया गया कि करीब 200 किसान परिवार इस जमीन पर पिछले 70–80 वर्षों से पुश्तैनी खेती करते आ रहे हैं। परिवारों के बीच आपसी बंटवारा भी हो चुका है और जमीन पर लगातार खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें भू-अधिकार (पट्टा) नहीं मिला।ऋण पुस्तिका जारी नहीं हुई। राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं हुआ है। सरकारी योजनाओं से वंचित किसान
भूमि का मालिकाना हक नहीं होने के कारण किसान कई सरकारी सुविधाओं से वंचित
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC),सहकारी समिति से खाद-बीज,समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का रजिस्ट्रेशन,बैंक ऋण,
प्राकृतिक आपदा में मुआवजा
हालांकि, हैरानी की बात यह है कि किसानों को बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाएं मिल चुकी हैं, लेकिन जमीन का अधिकार अब तक नहीं दिया गया।
1969 का आदेश भी अधूरा
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम गीदगढ़ की भूमि को लेकर संशोधन पंजी क्रमांक 18, दिनांक 24 अक्टूबर 1969 का आदेश भी आज तक लागू नहीं किया गया।
खसरा पंजी में भूमि दर्ज नहीं,लगान तय नहीं किया गया,वसूली नहीं हुई,भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका वितरण नहीं
क्या है किसानों की मांग
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि 722 एकड़ भूमि का राजस्व रिकॉर्ड में तत्काल दर्ज किया जाए,पात्र किसानों को भू-अधिकार (पट्टा) दिया जाए,ऋण पुस्तिका जारी की जाए,सभी किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए
अब नजर सरकार के फैसले पर
करीब 60 किसानों के इस बड़े मुद्दे को लेकर दिया गया यह ज्ञापन अब प्रशासन और सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने आगे आंदोलन की चेतावनी भी दी है।