मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
रायसेन जिले क रांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले दीवानगंज क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को गीदगढ़ गांव में भीषण आग लगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गीदगढ़ निवासी शैतान सिंह धाकड़ की लगभग 6 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल हार्वेस्टर से निकली चिंगारी के कारण आग की चपेट में आ गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी फसल जलकर राख हो गई।
इसी घटना में पर्वत सिंह धाकड़ की करीब 1 एकड़ गेहूं की फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और कल्टीवेटर से खेत के चारों ओर जुताई कर आग को फैलने से रोका। साथ ही भारी संख्या में गांव के ग्रामीण अपने घरों से से पानी की व्यवस्था कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आग बुझा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड को पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग जाता है, जिससे तब तक भारी नुकसान हो चुका होता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले अंबाडी गांव में खुमान सिंह की फसल में भी आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसमें भी फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच सकी थी।
लगातार हो रही इन घटनाओं से किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि यदि दीवानगंज क्षेत्र में ही फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की जाए तो समय रहते आग पर काबू पाया जा सकता है और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर साल होने वाले इस तरह के नुकसान से उन्हें राहत मिल सके।
दीवानगंज क्षेत्र में यह पांचवी बड़ी आगजनी की घटना हुई है। पांच आगजनी की घटनाओं में से केवल एक ही घटना में फायर ब्रिगेड पहुंच सकी है। दीवानगंज क्षेत्र में फायर ब्रिगेड को पहुंचने में 1 घंटे का समय लग जाता है क्योंकि फायर ब्रिगेड को सांची 25 किलोमीटर दूर या रायसेन 31 किलोमीटर दूर से बुलाया जाता है। तब तक आग अपना काम कर चुकती है।