कलेक्टर को तोप चलाने का लाइसेंस देने का अधिकार नहीं,किस नियम के तहत जारी किया लाइसेंस – राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
– रायसेन में रमजान माह के दौरान तोप चलाने पर विवाद
रायसेन । ऐतिहासिक किले की प्राचीर से रमजान माह में चलकर रोजा अफ्तार और सहराई कराने वाली तोप पर विवाद अब बढ़ता ही जा रहा है मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंका कानूनगो आज रायसेन पहुंचे और तोप चलने के वाले स्थान पर पहुंचकर विरोध किया उन्होंने कहा कि वन विभाग और पुरातत्व विभाग की एनओसी के बिना आखिर कैसे जिला प्रशासन ने तोप चलाने की अनुमति दे दी।
-रायसेन के ऐतिहासिक किले की प्राचीन से रमजान माह में रोजा अफ्तार और सहरई कराने के लिए चलने वाली तोप का विवाद अब रुकने का नाम नहीं ले रहा है, मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो आज अपनी टीम के साथ रायसेन जिला मुख्यालय पहुंचे और पैदल चलते हुए जिस जगह से तोप चलाई जाती है वहां पहुंचकर इसका अवलोकन किया। प्रियंक कानूनगो ने कहा कि जब पुरातत्व विभाग और वन विभाग की एनओसी नहीं है तो फिर कैसे जिला प्रशासन द्वारा तोप चलाने की अनुमति दी जाती है वहीं प्रियंक कानूनगो ने सवाल उठाये कि आखिर क्यों रहवासी क्षेत्र के ऊपर तोप चलाई जाती है जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है तो वहीं उन्होंने तोप चलाने वालों की जान को भी खतरा बताया। वही आगे प्रियंका कानून को ने कहा कि इस बात की भी जांच होना चाहिए कि इस टॉप में कौन सा बारूद डाला जा रहा है और वह कहां से आता है।उन्होंने यह भी कहा कि क्या कलेक्टर तोप का लायसेंस जारी कर सकते हे क्या उन्हें यह लायसेंस जारी करने का अधिकार हे।

आपको बता दे कि लगभग सौ साल पुरानी यह परंपरा का विरोध उसी समय शुरू हो गया जब भोपाल से रायसेन पहुंचे तीन युवकों और उनके साथ एक रायसेन के युवक ने ईरान के पक्ष में नारेबाजी करते हुए तोप चलने के वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर डाल दिया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और उसके बाद 11 हिंदूवादी संगठनों ने तोप बंद करने के लिए रायसेन कलेक्टर को ज्ञापन दिया था ।
इस मामले में शिकायत मानव अधिकार आयोग तक पहुंची तो आयोग ने कलेक्टर एसपी और पुरातत्व विभाग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी हे।
हालांकि आज रायसेन आए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि कलेक्टर को तोप का लाइसेंस देने का अधिकार ही नहीं है। वही उन्होंने तोप में भरने वाले बारूद का आतंकी गतिविधियों में प्रयोग होने की शंका जताई । मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग तत्काल तोप संचालन पर पाबंदी लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब यदि तोप चलती है तो कलेक्टर और एसडीएम पर कार्यवाही की जाएगी।