मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर स्थित बैरखेड़ी चौराहे पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में छोटी-छोटी कन्याएं, माता, बहने और आसपास गांव के श्रद्धालु राम जानकी मंदिर से 51 कलश अपने सर पर लेकर नंगे पैर चलकर शिव मंदिर बेरखेड़ी चौराहा पहुंचकर वापस कथा स्थल पर पहुंचे।
जहां पर कथा वाचक पंकज आचार्य द्वारा धुंधकारी की प्रसिद्ध कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में बताया गया कि धुंधकारी अपने गलत कर्मों, दुर्व्यसनों और माता-पिता के अपमान के कारण भयंकर दुःख और पीड़ा का भागी बना। उसके भाई गोकर्ण ने श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कर उसे मोक्ष का मार्ग दिखाया।
कथा वाचक ने समझाया कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने और उसका श्रवण-मनन करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सद्मार्ग की प्राप्ति होती है। धुंधकारी की कथा के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि भक्ति, सत्संग और अच्छे कर्मों से ही मानव जीवन सफल बनता है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और धर्म व भक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

बरखेड़ी चौराहे पर क्षेत्र वासियों के सहयोग से पिछले वर्ष ही श्री रामजानकी, हनुमंत ,शिवपरिवार एवं खेड़ापति जी की प्राण प्रतिष्ठा एवं महायज्ञ का आयोजन हुआ था। शुक्रवार को कलश यात्रा, विष्णु पूजन, प्राश्चित स्नान, श्री गणेश पूजन शनिवार को मंडप प्रवेश, देवता पूजन हुआ। 22 जनवरी गुरुवार को पूर्ण आहुति एवं भंडारा का आयोजन होगा।