बम्होरी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य शुभारंभ, विधायक देवेंद्र पटेल हुए शामिल
तारकेश्वर शर्मा बम्होरी रायसेन
बम्होरी कस्बे में रविवार से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा यज्ञ का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ किया गया। इस पावन अवसर पर विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा का शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे मां नर्मदा शिव मंदिर से विधिविधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर दशहरा मैदान, राधा-कृष्ण मंदिर, झंडा चौक, पुराना बस स्टैंड होते हुए मेघनगर बस स्टैंड स्थित कथा स्थल पर संपन्न हुई।
यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। बैंड-बाजे, डीजे और भक्ति संगीत के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे कस्बे को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
कलश यात्रा में रथ पर विराजमान साधु-संतों की दिव्य उपस्थिति आकर्षण का केंद्र रही। वहीं, कस्बे की सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर श्रद्धा भाव से यात्रा में सहभागी बनीं। युवा वर्ग डीजे पर बज रहे भजनों पर नृत्य करते हुए भक्ति में लीन नजर आया।
करीब तीन घंटे तक चली यह भव्य कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंची, जहां नाचते घोड़े, भव्य सजावट और दीप आरती ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कथा स्थल पर सामूहिक आरती के पश्चात पंडित श्री प्रभु जी नागर के पावन मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।

कथा के प्रथम दिन पंडित प्रभु जी नागर ने कहा कि
“श्रीमद् भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य चेतना है। इससे मनुष्य के जीवन में शांति, सद्भाव और संस्कारों का संचार होता है।”
पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। आगामी सात दिनों तक प्रतिदिन कथा का वाचन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
आपको बता दें कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 28 दिसंबर से 3 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से मेघनगर बस स्टैंड स्थित कथा स्थल पर होगा।
इस पावन आयोजन के यजमान बाबूलाल पटैल, मनोहर पटैल, प्रदीप पटैल एवं टीकम पटैल हैं। यजमान परिवार एवं आयोजन समिति द्वारा क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा में पधारकर श्रीमद् भागवत कथा के दिव्य संदेश को अपने जीवन में उतारें और धर्म लाभ अर्जित करें।
आयोजकों का कहना है कि श्रीमद् भागवत कथा से मानव जीवन को सही दिशा मिलती है, मन को शांति और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होता है। यह कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि जीवन को सद्मार्ग पर ले जाने का दिव्य माध्यम है।