भोपाल। मध्यप्रदेश जनसंपर्क के अपर संचालक रहे सुप्रसिद्ध छायाकार श्री जगदीश कौशल ने अपनी संचित संदर्भ संपदा ज्ञानतीर्थ सप्रे संग्रहालय के लिए संस्थापक विजयदत्त श्रीधर को भेंट की है। इस सामग्री में इतिहास के दुर्लभ ग्रंथ हैं जो सवा सौ साल से अधिक पुराने प्रकाशन हैं। इन ग्रंथों के समावेश से सप्रे संग्रहालय का इतिहास प्रभाग और अधिक समृद्ध हुआ है।
श्री जगदीश कौशल द्वारा भेंट किए गए ग्रंथों में लखनऊ गजेटियर-1904, सागर गजेटियर-1906, छतरपुर गजेटियर-1907, सेन्ट्रल प्राविन्सेज-1908, हमीरपुर गजेटियर-1909, बाँदा गजेटियर-1909, देहरादून गजेटियर-1911 शामिल हैं। ये सभी ग्रंथ अंग्रेजी भाषा में हैं और अंग्रेज विद्वानों द्वारा लिखे गए हैं। फ्यूडेटरी स्टेट्स ऑफ सेन्ट्रल एण्ड सदर्न इण्डिया-1898, ट्राइब्स एण्ड कॉस्ट सेन्ट्रल प्राविन्सेज ऑफ इण्डिया, ए गाइड टू सांची जॉन मार्शल 1917, सांची एण्ड इट्स रिमेन्स कनिंघम, बैगा-1939, इण्डियन स्कल्पचर-1908, इण्डियन आर्ट इन यूरोप, ए ग्रामर ऑफ द छत्तीसगढ़ी डायलेक्ट ऑफ हिन्दी-1931, रिलीजियस एण्ड सोशल रिफार्म- महादेव गोविंद रानडे, भिलसा टोप्स-कनिंघम, क्वाइन कलेक्टिंग इन नार्दन इण्डिया, आरकेलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, द क्वाइन्स ऑफ हैदरअली एण्ड टीपू सुल्तान 1921, हिस्टॉरिकल जाग्रफी ऑफ एनसीएण्ट इण्डिया, ऑरकेलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया बुंदेलखण्ड, मालवा एण्ड सेन्ट्रल प्रॉविन्सेज, ऑरकेलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया-कनिंघम, द इण्डियन एंपायर, हिन्दू हॉलीडेज एण्ड सेरेमोनियल, रेम्बल्स एण्ड रिकलेक्शन्स ऑफ इण्डियन ऑफीशियल मेजर जनरल स्लीमन आदि श्री जगदीश कौशल द्वारा भेंट किए गए संदर्भ ग्रंथों की महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।