इस बार विजयादशमी एक और वजह से बहुत विशेष है। इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष हो रहे हैं। एक शताब्दी की ये यात्रा… जितनी अद्भुत है, अभूतपूर्व है, उतनी ही प्रेरक है।
परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी ने 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ की स्थापना की। डॉक्टर साहब के जाने के बाद परम पूज्य गुरु जी ने राष्ट्र सेवा के इस महायज्ञ को आगे बढ़ाया।
परम पूज्य गुरुजी कहा करते थे – “राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम” यानी, ये मेरा नहीं है, ये राष्ट्र का है। इसमें स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए समर्पण का भाव रखने की प्रेरणा है। गुरुजी गोलवरकर जी के इस वाक्य ने लाखों स्वयंसेवकों को त्याग और सेवा की राह दिखाई है।
त्याग और सेवा की भावना, और अनुशासन की सीख… यही संघ की सच्ची ताकत है।
आज RSS 100 वर्षों से बिना थके, बिना रूके… राष्ट्र सेवा के कार्य में लगा हुआ है।
– माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी
मन की बात