रामभरोस विश्वकर्मा, भोपाल
अखिल भारत हिन्दू महासभा प्रदेश अध्यक्ष माननीय रोहित दुबे के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी, सदस्य एवं कार्यकर्ताओ द्वारा कांग्रेस नेता एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा द्वारा कांग्रेस पार्टी की ऑफिशल प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के विभाजन को लेकर हिंदू महासभा पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। जिसमे पवन खेड़ा के शब्दों में कांग्रेस के अनुसार भारत के विभाजन के लिए मोहम्मद अली जिन्ना के साथ हिंदू महासभा जिम्मेदार है। कांग्रेस पार्टी ने फिर एक बार अपनी ओछी मानसिकता का परिचय देते हुए हिंदू महासभा और उसके देशभक्त, राष्ट्रभक्त पदाधिकारीयों एवं बलिदानियों पर अनर्गल आरोप लगाए हैं। पवन खेड़ा द्वारा दिया गया!प्रेस स्टेटमेंट की हिंदूमहासभा घोर निंदा करता है और विरोध स्वरुप गन्दी और ओछी मानसिकता वाले खेड़ा का पुतला दहन प्रदेश अध्यक्ष्य रोहित दुबे के नेतृत्व में किया गया।

दुबे ने बताया कि हिन्दूमहासभा के मध्यप्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कार्यकारिणियों द्वारा प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस और पवन खेड़ा का पुतला फूंका जायेगा। उन्होंने बताया कि कैसे महासभा ने देश के लिए कितने बलिदान दिए हैं! कितने त्याग किए हैं! और कांग्रेस और मुस्लिम लीग की मिली भगत को भी सबके सामने उजागर किया साथ ही कैसे गांधी के दिशा निर्देशों पर चलते हुए इन्होंने इस देश का विभाजन किया और देश को दंगों की आग में धकेला। हिंदू महासभा ने कभी भारत के विभाजन की बात नहीं करी, हमने हमेशा एक ही मांग करी है! कि हमें अखंड हिंदू राष्ट्र चाहिए, वह चाहे घर वापसी करवा के हो या फिर अन्य किसी और तरीकों से लेकिन हिंदू महासभा ने सिर्फ और सिर्फ हिंदू राष्ट्र की मांग करी है!देश को विभाजन की आग में कांग्रेस के साथ-साथ मुस्लिम लीग, नेहरू और गांधी ने धकेला है। जिसके निर्देशों पर ही लाखो लोगो का नरसंहार खुल्ला कत्लेआम हुआ था । प्रदेश कार्यकारिणी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी सहसंग़ठन मंत्री गौरव अध्वर्यु शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष सांतनु माहुरकर, प्रदेश प्रवक्ता प्रमेश विनोदिया, संभाग प्रवक्ता विजय कुमार चंद्रा,ॐ हिन्दू , बाला प्रजापति, प्रेम पटेल, कैलाश गवांडे, निकेत शर्मा( जिलाध्यक्ष) रिंकु यादव (जिलाउपाध्यक्ष), महेश सोनी ( कार्यकारी वार्ड अध्यक्ष) आदि सैकड़ो कार्यकर्ताओ ने पवन खेड़ा कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता का पुतला दहन औरा मॉल चौराहा होशंगाबाद रोड पर किया और विरोध प्रदर्शन किया।