रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
ग्राम पंचायत अम्बाई में सरपंच, सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। गांव में पीडब्ल्यूडी से डीपीआर स्वीकृत कर 96 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। यह कार्य 13 महीने पूर्व स्वीकृत हुआ था और सड़क निर्माण सामग्री (रेती, गिट्टी, मुरम) के परिवहन के लिए भी मोटरसाइकिल के नाम पर भुगतान कर दिया गया!जबकि मौके पर न कोई निर्माण कार्य हुआ, न सामग्री आई।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पंचायत के कागज़ों में सड़क पूर्ण रूप से तैयार दिखाई गई है! और संबंधित अफसरों द्वारा भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई है। वहीं, गांव की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है!जहां सड़क बननी थी, वहां आज भी कीचड़ और गड्ढों से भरा रास्ता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
गांव के जागरूक नागरिक और उप सरपंच हेमराज जो कि वर्तमान में युवा सामाजिक प्रतिनिधि हैं! उन्होंने इस भ्रष्टाचार की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। उनका कहना है! कि यह ग्रामीणों की मेहनत की कमाई से वंचित करने जैसा अपराध है, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासन से जवाब की उम्मीद
जनपद पंचायत ओबेदुल्लागंज के सीईओ ने आश्वासन दिया है! कि मामले की जांच की जाएगी और संबंधित विभागीय अफसरों को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो दोषियों पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
ग्राम पंचायत अम्बाई में यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है! कि कैसे भ्रष्टाचार की जड़ें ग्राम स्तर तक फैली हुई हैं!और सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने से पहले ही हजम कर लिया जाता है। अब देखना होगा कि जांच के बाद कौन-कौन कटघरे में आता है।