शरद शर्मा बेगमगंज,रायसेन
ग्राम कोहनियां एवं मूड़ला चावल के किसानों की 450 हेक्टेयर असिंचित भूमि को सिंचित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा जलसंसाधन विभाग के माध्यम से करीब 14 करोड़ की लागत से डेम का निर्माण हाल ही में कराया गया था। आज उसकी एक तरफ की पिचिंग ( पार ) टूटने से किसानों के खेतों में पानी भरने के कारण सोयाबीन , उड़द एवं मक्का की बुआई गई फसलें बर्बाद हो गई। ओर खेतों में पानी के तेज वहाब के कारण बड़े – बड़े गहरे कटाव होने से खेत बर्बाद हो गए हैं।
आज कोहनियां गांव के किसानों पर लापरवाह ठेकेदार एवं सिंचाई विभाग का कहर टूटा है। जिससे किसानों में आक्रोश है।
अपनी बर्बाद फसलों का ब्यूरो देते हुए राहुल भायजी ने बताया कि डेम का निर्माण अभी हाल ही में 2024 में पूरा हुआ है और इसकी नहरें कोहनियां , मूड़ला चावल गांवों समेत आसपास के किसानों की भूमि अधिग्रहित करके करीब 450 हेक्टेयर से ऊपर भूमि सिंचित किए जाने के लिए इसे बनाया गया है , लेकिन उसकी चारों ओर बनाई गई पिचिंग ( पार )का धरातल मजबूत नहीं बनाए जाने से आज एक तरफ से डेम की पिचिंग टूट गई और तीन बड़े किसानों के खेतों में पानी भरने एवं खेतों की मिट्टी का कटाव होने से सोयाबीन , उड़द एवं मक्का की खड़ी फसल बर्बाद हो गई है।
प्रभावित खेतों में पानी 4 से 5 फिट ऊंचा तक भरा हुआ है। पानी का वहाब इतना तेज था कि खेतों की बहुत ज्यादा मिट्टी बहा ले जाने से खेतों में बड़े -बड़े कटाव होकर गड्ढे हो गए हैं। जिसके कारण अब प्रभावित खेतों के समतल होने में किसानों को बहुत ज्यादा मशक्कत के साथ बड़ी धनराशि भी खर्च करना पड़ेगी ।
कोहनियां के प्रभावित किसानों में राजमल जैन 1.25 एकड़ , सुभाष चंद्र भायजी 2.5 एकड़ एवं खुशीलाल गूजर की 1 एकड़ भूमि इसकी चपेट में आने से खेत एवं फसल दोनों बर्बाद हो गई है और अन्य किसानों की बर्बाद हुई फसलों या खेतों का आंकलन किया जा रहा है।