मध्यप्रदेश बोर्ड 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में पूरक परीक्षा का प्रावधान नहीं,छात्र साल में दो बार दे सकते परीक्षा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरक परीक्षा का प्रावधान समाप्त कर दिया है। अब साल भर में दो परीक्षाएं होंगी, जिनके आधार पर वार्षिक परीक्षा का परिणाम तैयार किया जाएगा। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू किया गया है। दूसरी परीक्षा उन छात्रों के लिए होगी जो पहली परीक्षा में फेल हो गए हैं।
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की नई व्यवस्था के तहत, अगर कोई छात्र मुख्य परीक्षा में सफल होता है लेकिन उसके अंक संतोषजनक नहीं होते है तो वो 4 महीने बाद आयोजित एक अतिरिक्त परीक्षा में शामिल हो सकता है। इस परीक्षा में उन छात्रों को भी शामिल होने का मौका मिलेगा जो सभी विषयों में फेल हो गए हैं.
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब से सप्लीमेंट्री एग्जाम का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर दो मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत लिया गया है और इसे शिक्षा सत्र 2024-25 से लागू किया जाएगा।
पहली परीक्षा 25 फरवरी से प्रारंभ हुई है जो 25 मार्च को समाप्त हो जाएगी।
दूसरी परीक्षा जुलाई में उन छात्रों के लिए होगी, जो पहली परीक्षा में एक या अधिक विषयों में फेल हो जाते है।
पहले एक या दो विषयों में फेल होने वाले छात्र पूरक परीक्षा में शामिल होते थे। अब ऐसे छात्र द्वितीय अवसर की मुख्य परीक्षा में बैठ सकेंगे।
छात्र चाहें तो केवल उन विषयों की परीक्षा दे सकते हैं, जिनमें वे फेल हुए हैं, या सभी विषयों की परीक्षा देकर अपने अंक सुधार सकते हैं।दोनों परीक्षाओं में छात्रों के सर्वश्रेष्ठ अंकों के आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा।
जिससे छात्रों को बेहतर परिणाम प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
पिछले साल 10वीं और 12वीं की परीक्षा में लगभग 2.20 लाख छात्रों को पूरक परीक्षा देनी पड़ी थी। वहीं, 5.60 लाख छात्र फेल हुए थे। नई प्रणाली से ऐसे छात्रों को दोबारा परीक्षा देकर अपने अंक सुधारने का मौका मिलेगा।
12वीं बोर्ड परीक्षा की मंगलवार को आखिरी पेपर है इसके बाद बोर्ड परीक्षाएं समाप्त हो जाएगी। सोमवार को पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज में परीक्षा देने से पहले छात्र की तलाशी लेते शिक्षक।