रायसेन। माननीय न्यायालय श्री गौरव अग्रवाल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गौहरगंज, द्वारा निर्णय दिनांक 23/05/2022 आरोपी शंकरलाल पिता गंगाराम परते, जाति आदिवासी आयु 50 साल निवासी ग्राम बर्रूखार,पुलिस थाना गौहरगंज के अपराध क्रमांक 23074/03 अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम की धारा 26 में आरोपी को दोषी पाते हुए 6 माह सश्रम कारावास एवं 7000/- अर्थदण्ड, से दण्डित किया गया।
इस मामले में राज्य की ओर से श्री लोकेन्द्र कुमार द्विवेदी, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी, जिला रायसेन ने पैरवी की।
उल्लेखनीय है कि वन दल को दिनांक 02/08/2013 को वन कक्ष क्रमांक आर.एफ.558 में गश्त के दौरान अवैध कटाई के लगभग 2 दिवस पूर्व के 7 ठूंठ सागौन के कटे हुए पाये गये एवं ठूठों की नाप कर, उन पर बीट हेमर लगाया गया एवं वर्ष की सूची तैयार की गई। इसके पश्चात वन दल को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम अमोदा निवासी शंकरलाल पिता गंगाराम आदिवासी के घर पर जाकर छानबीन की गई तो उसके घर के बाडे़ में सागौन के कुछ गेंडे एवं लकड़ी पड़ी हुई मिली। इसके बाद उक्ते लकडि़यों को जप्त कर, उनकी नाप कर, सूची तैयार की गई इसके उपरांत वन दल के द्वारा शंकरलाल आदिवासी से पूछतांछ की गयी तो उसने अपना अपराध स्वीकार किया। फिर वन दल के द्वारा मौके पर मौका पंचनामा तैयार किया गया और अभियुक्त के विरूद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया गया। अनुसधांन दौरान वनोपज की सूची तैयार कर, जप्ती पंचनामा बनाया गया। अभियुक्त को अभिरक्षा में लेकर उसका कथन लेख किया जाकर, उसे गिरफ्तार किया गया शेष सम्पूर्ण अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
अभियोजन पक्ष के द्वारा की गयी पैरवी के दौरान राज्य की ओर से प्रस्तुत साक्षीगण के कथनों और साक्ष्यों के आधार पर विद्वान न्यायालय ने शंकरलाल पिता गंगाराम परते, जाति आदिवासी आयु 50 साल को 6 माह सश्रम कारावास व 7000 रू अर्थदण्ड का दण्डादेश सुनाया।
न्यूज सोर्स-श्रीमती किरण नंदकिशोर मीडिया प्रभारी जिला रायसेन