राम और लक्ष्मण से किया युद्ध परंतु गुरु श्राप के कारण दधीबल के हाथों मारा गया नारंतक
सी एल गौर रायसेन
ऐतिहासिक रामलीला के चलते मंगलवार को रामलीला मैदान में स्थानीय कलाकारों द्वारा नाराणतक वध की लीला का आकर्षक मंचन किया गया प्रस्तुत की गई लीला के अनुसार लंकापति रावण अपने पुत्र नाराणतक को बुलाता है और समझाते हुए कहता है कि तुम्हें राम और लक्ष्मण से युद्ध करने के लिए जाना है, इस पर नारायण तक बोला है पिताश्री अभी तक मेरी आपको याद नहीं आई मैं मूल नक्षत्र में पैदा हुआ था जिससे आपने मुझे बहा दिया था अब कैसे अचानक आपको याद आ गई, परंतु वह पिता रावण की आज्ञा मानकर रामादल की ओर जाता है,

फिर यहां भगवान राम लक्ष्मण और नाराणतक के बीच युद्ध होता है परंतु नाराणतक मरता नहीं है इसके पश्चात राम जी सुग्रीव जी से पूछते हैं तो सुग्रीव बताते हैं कि हे प्रभु मेरा पुत्र दधीवल है जो कि नाराणतक के साथ में पढ़ा लिखा है और वह एक दूसरे के मित्र भी हैं स्कूल में नाराणतक दधी वल से मारपीट करता था इससे नाराज होकर शाला में गुरु जी ने नाराणतक को श्राप दे दिया था कि तुम्हारी जब भी मौत होगी तो दधीवल के हाथों से होगी इसके अलावा तुम्हें कोई नहीं मार सकता। इस प्रकार से सुग्रीव अपने पुत्र दधीवल को बुलाता है और नाराणतक से युद्ध करने के लिए भेजता है दोनों के बीच काफी देर तक युद्ध चलता है अंततः दधीबल नाराणतक को मार देता है। इस प्रकार से रामलीला में इस आकर्षक प्रसंग की लीला को देखने के लिए काफी संख्या में दर्शक रामलीला मैदान पहुंचे।
रामलीला में बुधवार को तारिणीसेन बध की लीला का होगा मंचन
रामलीला समिति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को स्थानीय कलाकारों द्वारा तारिणी सेन वध की लीला का मैदानी मंचन किया जाएगा, दिनों दिन अब रामलीला अति आकर्षक होती जा रही है और अति सुंदर प्रसंग भी चल रहे हैं जिसके चलते दर्शन रोजाना रामलीला देखने पहुंच रहे हैं।