मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
मौसम खुलने और तेज धूप होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसान खेती-किसानी के काम में जुट गए हैं और गेहूं, चना को थ्रेसिंग से निकलना शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह हुई बारिश और कई दिनों से बादल छाए रहने से किसान परेशान थे और कटाई, मड़ाई का काम प्रभावित था। इस वर्ष क्षेत्र में कई हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। अधिकांश क्षेत्र में गेहूं की फसल को निकाल लिया गया तो कई जगह गेहूं की फसल पक कर तैयार हो गई। पिछले करीब 15 दिनों में चार से पांच बार रुक -रुक कर हुई बारिश व तेज हवा से फसलें खेतों में बिछ गई थी। जिससे किसान परेशान थे और मौसम के दुरुस्त होने की विनती कर रहे थे। गुरुवार शुक्रवार को मौसम ठीक होने से किसानों ने राहत ली थी। मौसम सामान्य रहने के साथ धूप निकली तो किसानों ने खेती किसानी का काम शुरू कर दिया। जिन किसानों ने गेहूं की कटाई का काम पूरा कर लिया था। उन्होंने थ्रेसिंग कर मड़ाई का काम शुरू कर दिया। वहीं ज्यादातर किसानों ने खेतों से गेहूं की कटाई का काम तेजी से शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि मौसम का कोई भरोसा नहीं है। कब मौसम करवट बदल ले इसलिए जल्द से जल्द फसल को घर पहुंचाना है। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम फिर खराब हो सकता है बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस बार अप्रैल के महीने मौसम के तेवर किसानों के लिए सिर दर्द बना हुआ है। आम तौर पर 10 अप्रैल से खलिहानों में शुरू हो जाने वाली गेहूं की थ्रेसिंग अभी थमी हुई है। गेहूं की फसल के कटे हुए बोझे खेतों में पड़े सूख रहे हैं किसान होली बाद गेहूं की फसल की कटाई शुरू कर देते हैं क्योंकि तब तक मौसम का तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाता है। नमी भी वायुमंडल में नाममात्र रह जाती है। इस बार मार्च खत्म होने के बाद तापमान बढ़ा, मगर सुबह-शाम सर्दी रही, इधर बीच-बीच में बादलों में छायी बदली ने सूर्य के तेवरों में कटौती की और हवा का बहाव भी पुरवैया रही, इससे खेतों में कटे पड़े गेहूं को पूरे तरह सूखने का मौका नहीं मिला। पिछले 12 से 15 दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने 19 से लेकर 21 तक बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया है इससे किसान अपनी फसलों को जल्दी से निकालने की कोशिश कर रहा है.
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