पीएम मोदी से बोलीं शिवपुरी की विद्या आदिवासी, पहले झोपड़ी में रहते थे ओले गिरते तो बचने के लिए थाली लगा लेते थे लेकिन अब पक्का आवास मिल गया है
-शिवपुरी की विद्या आदिवासी ने सुनाई अपने जीवन की पूरी कहानी
– शादी के बाद मैंने पापा से बोला था पापा यह तुमने कहां डांग में पटक दिया है क्योंकि पहले कोई भी सुविधा नहीं थी
– पीएम मोदी को सुनाई पूरी कहानी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनमन अभियान के अंतर्गत सोमवार को वर्चुअली माध्यम से शिवपुरी के सहरिया आदिवासियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान शिवपुरी जिले के हातौद में पीएम जनमन अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी महाअभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से आदिवासियों से चर्चा की। इस दौरान हातौद गांव की विद्या आदिवासी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी बातचीत की और इस बातचीत के दौरान विद्या आदिवासी ने अपने जीवन की कहानी प्रधानमंत्री को सुनाई।
पहले ओले गिरते तो तो थाली लगा लेते थे–
वर्चुअली माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करते हुए शिवपुरी जिले के हातौद ग्राम की रहने वाली विद्या आदिवासी ने प्रधानमंत्री को बताया कि पहले उनकी झोपड़ी थी। झोपड़ी के दौरान जब ओले गिरते तो बचाव के लिए अपने ऊपर थाली लगा लेते थे। जिससे ओलों से बचा जा सके। लेकिन अब पक्का आवास मिल गया है और पीएम जनमन अभियान के अंतर्गत उनका आधार कार्ड बन गया है, आयुष्मान कार्ड बन गया है। इसके अलावा और भी कई योजना का लाभ उनको मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पहले उनका माइक शिवपुरी में था और इसके बाद उनकी शादी हातौद में हो गई। हातौद पूरा इलाका जंगली एरिया था। यहां पर झोपड़ी थी अन्य सुविधाएं नहीं थी पक्का आवास नहीं था। विद्या ने बताया कि जब शादी के बाद पापा पहली बार लिबाने के लिए आए तो उन्होंने अपने पापा से कहा कि पापा तुमने मुझे कहा डांग (जंगली एरिया) में पटक दिया लेकिन पापा बोले कि आने वाले समय में बेटा तुम्हारा भी पक्का आवास होगा और अब जाकर यह सपना पूरा हो गया है।
ललित ने सुनाई अपनी कहानी तो पीएम बोले आप तो सुपर फास्ट बोलती हो-
जनमन अभियान के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने शिवपुरी की आदिवासी महिला ललिता आदिवासी ने
भी पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि किस तरह से समूह के माध्यम से उनके जीवन में परिवर्तन आया है। पहले उनकी नाममात्र की आय थी लेकिन योजना ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उनकी आय में वृद्धि हुई है। इसके अलावा उन्हें विभिन्न योजना का लाभ मिल रहा है। आज पक्का आवास मिल गया। इसके अलावा आयुष्मान योजना सहित अन्य योजना को लाभ नहीं मिल रहा है। जब प्रधानमंत्री के सामने ललित आदिवासी यह सब बातें कर रही थीं तो उनके द्वारा लगातार धड़ाधड़ स्पीड में यह बातें कहीं जा रहीं थीं। इन बातों को लेकर के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि आप तो सुपरफास्ट बोलती हो। इस पर सभी मौजूद लोगों ने तालियां बजा दी।
योजना का हर व्यक्ति को लाभ मिले यही मोदी की गारंटी-
वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर आदिवासियों को संबोधित भी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हर पात्र हितग्राही को योजना का लाभ मिले यही मोदी की गारंटी है।
मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्री भी रहे मौजूद–
हातौद ग्राम पंचायत में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्रीगण भी मौजूद रहे। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री प्रहलाद पटेल और आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह मौजूद रहे। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल संभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी यहां पर मौजूद रहे। पिछले कई दिनों से इस कार्यक्रम की तैयारियां जोर-जोर से चल रही थीं।