Let’s travel together.

मंदिर पहुंचे और करने लगे झाड़ू-पोंछा, इस अंदाज में नजर आए पीएम नरेंद्र मोदी

0 60

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले 11 दिन का विशेष अनुष्ठान आरंभ किया है, जिसमें पीएम मोदी ने आज नासिक में गोदावरी के किनारे स्थित श्री कालाराम मंदिर में पूजा अर्चना की। श्री कालाराम मंदिर नासिक के पंचवटी क्षेत्र में स्थित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ-सफाई का महत्व बताते हुए मंदिर परिसर में बाल्टी और पोछा लेकर सफाई अभियान चलाया. उन्होंने लोगों से भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी) तक इसी तरह मंदिरों की साफ-सफाई करने की आपील की।

PunjabKesari

प्रधानमंत्री मोदी ने नासिक के कालाराम मंदिर ने शुक्रवार को नासिक में भगवान राम के प्रख्यात कालाराम मंदिर में पूजा-अर्चना की और ‘भजन-कीर्तन’ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने झांझ-मजीरे भी बजाए। महाराष्ट्र के एक दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने शहर के पंचवटी क्षेत्र में गोदावरी नदी के किनारे स्थित मंदिर में दर्शन करने से पहले शहर में एक रोड शो भी किया।

PunjabKesari

प्रधानमंत्री का यह दौरा 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से ठीक 10 दिन पहले हुआ। कालाराम मंदिर के न्यासी वकील अनिकेत निकम और धनंजय पुजारी ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस बीच सड़क के दोनों ओर लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। मोदी ने मंदिर में भगवान गणेश और भगवान राम का ‘पूजन’ एवं ‘आरती’ की जिसमें मुख्य पुजारी, महंत सुधीरदास पुजारी ने अनुष्ठान कराया।

PunjabKesari

प्रधानमंत्री ने मंदिर की प्रदक्षिणा (परिक्रमा) की और ‘भजन-कीर्तन’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अन्य भक्तों के साथ झांझ-मजीरे बजाए। मंदिर के न्यासी सदस्यों ने उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, भगवान राम की चांदी की मूर्ति और मंदिर के देवताओं भगवान राम, सीता एवं लक्ष्मण की तस्वीरें देकर सम्मानित किया। मंदिर में उन्हें पंजीरी (प्रसाद) दिया गया।

PunjabKesari

प्रधानमंत्री ने इस दौरान महाकाव्य रामायण की कथा सुनी। उन्होंने विशेष रूप से ‘लंका कांड’ वाला खंड सुना जिसमें भगवान राम की अयोध्या वापसी का गान है। रामायण को मराठी में प्रस्तुत किया गया और मोदी ने एआई अनुवाद के माध्यम से हिंदी संस्करण को सुना। मोदी ने मंदिर के पास स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

PunjabKesari

रामायण से जुड़े स्थानों में पंचवटी का विशेष स्थान है क्योंकि रामायण की कई महत्वपूर्ण घटनाएं इसी स्थान पर घटी थी। पंचवटी का अर्थ है पांच बरगद के पेड़ों वाली भूमि। किंवदंती है कि भगवान राम ने यहां अपनी कुटिया स्थापित की थी क्योंकि पांच बरगद के पेड़ों की उपस्थिति ने इस क्षेत्र को शुभ बना दिया था। मंदिर में दर्शन के बाद प्रधानमंत्री 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव के उद्घाटन स्थल तपोवन मैदान के लिए रवाना हुए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

दीवानगंज और सेकेंडरी स्कूल सलामतपुर में कैरियर गाइडेंस सेशन परामर्श सत्र का आयोजन      |     संकल्प से समाधान अभियान के तहत  शिविर आयोजित     |     संभाग स्तरीय माध्यमिक शाला मुड़िया खेड़ा की छात्रा इकरा ने किया द्वितीय स्थान प्राप्त      |     बिना हेलमेट बाइक चला रहे भाजपा विधायक के भाई को पुलिस ने रोका, हुई तीखी नोकझोंक, वीडियो वायरल     |     लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मारने वाले आरोपी को 2 वर्ष की सजा व एक हजार रूपये का जुर्माना     |     सगठन व सेवा के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विशाल हिंदू सम्मेलन जुलूस के साथ संपन्न     |     29 वी मां माही पंचकोशी पदयात्रा प्रारम्भ     |     गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार बाबा बुड्ढा साहिब जी  में हुआ विशाल लंगर     |     कायाकल्प अभियान के तहत दल ने अस्पतालों का किया निरीक्षण      |     संकल्प से समाधान अभियान के तहत शिविर आयोजित     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811