मध्यमवर्गीय बिजली उपभोक्ताओं की टूटेगी कमर! जानें घाटे की भरपाई करने के लिए लगाए गए टैरिफ याचिका का क्यों हो रहा विरोध
जबलपुर। मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियों ने हाल ही में प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग में टैरिफ याचिका दायर की है। 2 हजार करोड़ के घाटे की भरपाई के लिए बिजली कंपनियों ने प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाने की मांग की है। लेकिन इस टैरिफ याचिका में एक ऐसा प्रस्ताव भी किया गया है जिससे मध्यमवर्गीय बिजली उपभोक्ताओं की कमर टूट सकती है।
बता दें बिजली कंपनियों ने अपनी टैरिफ याचिका में 300 यूनिट बिजली खपत का स्लैब खत्म करने का प्रस्ताव किया है। अब तक 151 से 300 यूनिट तक बिजली खपत पर कम दर से बिजली बिल देय होता था। लेकिन इस प्रस्ताव के बाद 151 यूनिट से ज्यादा खपत पर बिजली बिल उसी मंहगी दर से देय होगा जो दर 2 हजार यूनिट बिजली खपत पर भी लगती है।
बिजली कंपनियों के इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरु हो गया है। जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मंच ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव के खिलाफ राज्य विद्युत नियामक आयोग में आपत्ति दायर की है और ये प्रस्ताव खारिज करनी की मांग की है। राज्य विद्युत नियामक आयोग बिजली कंपनियों की टैरिफ याचिका पर 29 जनवरी को जबलपुर, 30 जनवरी को भोपाल और 31 जनवरी को इंदौर में जनसुनवाई करेगा।