कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता होलालकेरे अंजनेय ने विवादित बयान दिया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ही हमारे लिए भगवान राम हैं। उनकी इस टिप्पणी पर राजनीतिक भी गरमा गई है। बीजेपी ने पलटवार करते हुए उन्हें हिंदू देवी-देवताओं के बारे में सोच-समझकर बात करने की चेतावनी दी है।
‘हम अयोध्या जाकर राम की पूजा क्यों करें’
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में सिद्धारमैया को आमंत्रित नहीं किए जाने पर एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेसी नेता अंजनेय ने कहा, ”वह (सिद्धारमैया) खुद भगवान राम हैं। उन्हें अयोध्या जाकर राम की पूजा क्यों करनी चाहिए? सिद्दारमैया अपने पैतृक गांव सिद्दारमनाहुंडी स्थित मंदिर में भगवान राम की पूजा करेंगे। अयोध्या में तो भाजपा के भगवान राम हैं। उन्होंने अपने लोगों को भजन सुनाने के लिए आमंत्रित किया है। उन्हें ये सब करने दीजिए, हमारे राम तो हर जगह हैं। वह हमारे दिलों में हैं।”
‘बीजेपी धर्म के आधार पर बांटती है’
कांग्रेस नेता ने कहा कि, ‘हमारे राम तो हमारे दिलों में रहते हैं। मेरा नाम अंजनेय (हनुमान को अंजनेय कहा जाता है, क्योंकि वह अंजना के पुत्र हैं) है, आप जानते होंगे उन्होंने क्या किया था’? रामायण में भगवान राम के समर्पित साथी और सहयोगी के रूप में हनुमान का वर्णन है।” उन्होंने कहा कि बीजेपी धर्मों के बीच फूट डालो और राज करो की नीति अपनाती है। उन्हें एक धर्म के खिलाफ बयान देकर वोट पाने का भ्रम है।’
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस नेता एच आंजनेय के बयान पर भाजपा नेता बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कांग्रेस नेता को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘वह हिंदू देवी-देवताओं के बारे में सोच समझकर बोलें।’ उन्होंने कहा कि ‘यह हमारा दुर्भाग्य है कि ऐसे बेवकूफ हिंदू विरोधी लोग हमारे मंत्री हैं।’
बता दें कि, 30 दिसंब को सीएम सिद्धारमैया ने कहा था कि उन्हें अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए निमंत्रण नहीं मिला है। अगर निमंत्रण आता है, तो मैं इस पर विचार करूंगा। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन को निमंत्रण भेजा है। हालांकि ये दिग्गज नेता समारोह में शामिल होंगे या नहीं, फिलहाल अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।