रायसेन की रामलीला:: बाली पुत्र अंगद का पैर तक नहीं उठा सका लंका पति रावण, अंगद रावण संवाद की हुई आकर्षक लीला
नए साल में रामलीला मेला का आनंद लेने के लिए मेला स्थल पर जुटी दर्शकों की भारी भीड
सी एल गौर रायसेन
श्री रामलीला महोत्सव के चलते सोमवार को नए साल का पहला दिन होने के कारण रामलीला मेले में आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी, मेला क्षेत्र में जिधर देखो उधर दर्शकों की भारी भीड़ नजर आ रही थी रामलीला मैदान से लेकर आकर्षक झूला स्थल एवं दुकानों की गलियों में भी लोगों की भारी भीड़ देखी गई नए साल के उपलक्ष में लोगों ने मेले का भरपूर आनंद लिया सॉफ्टी से लेकर मिष्ठान भंडार जनरल सामग्री की दुकान एवं आकर्षक झूलों के आसपास बड़ी संख्या में लोग दिखाई दिए।

अंगद के समझाने पर भी माता सीता को लौटाने तैयार नहीं हुए लंका पति रावण
रामलीला में प्रस्तुत की गई लीला के अनुसार अंगद रावण संवाद की आकर्षक प्रस्तुति कलाकारों द्वारा दी गई जिसे देखकर दर्शक भी खुश नजर आ रहे थे प्रस्तुत की गई लीला के अनुसार भगवान राम बाली पुत्र अंगद को बुलाते हैं और उनसे कहते हैं कि आप रावण के पास जाओ और उसे भली भांति समझाओ कि वह हमसे बैर नहीं पाले आपसे अच्छा और कोई रावण को समझा नहीं सकता वही विभीषण ने भी अंगद को रावण के लिए समझने के लिए कहा कि भैया मेरा कहना नहीं माने परंतु हो सकता है आपका कहना मान ले अंगद जी आप भैया को जाकर समझाओ । इस प्रकार से अंगद भगवान राम से आज्ञा लेकर और लंका पति रावण को समझने के लिए पहुंचते हैं, जैसे ही रावण के दरबार में पहुंचते हैं वहां रावण से अंगद का परिचय होता है और अंगद रावण से माता सीता को वापस लौटाने के लिए कहते हैं तो रावण गुस्से में आ जाता है और कहता है कि तू मुझे ज्ञान बांटने आया है तेरे कहने पर मैं सीता को लौटा दूंगा क्या, जा और कहीं अपना ज्ञान बताना मैं तो वैसे ही चारों वेदों और 18 पुराणों का ज्ञाता हूं तीनों लोकों में मेरे सामान कोई वीर नहीं, जा अपने राम से जाकर कह देना । इस पर अंगद भी गुस्से में आ जाते हैं और रावण से कहते हैं कि तुम परमात्मा राम से बेर मत करो उनकी अपार महिमा है उनकी माया के आगे तुम्हारी नहीं चलेगी आप मेरा कहना मानो और माता सीता को उन्हें वापस लौटा दो इसमें ही तुम्हारी भलाई है नहीं तो इसका अंजाम आगे चलकर बुरा होगा । लंका पति रावण को अपने बल का घमंड था परंतु अंगद भी कम वलसाली नहीं थे भरी सभा में उन्होंने रावण के अहंकार को मिटाने के लिए अपना पैर सभा में जमा दिया और रावण से कहा कि अगर तुम मेरे पर को उठा दोगे तो मैं तुम्हें इस पृथ्वी का सबसे बड़ा वीर मानूंगा और अगर पर नहीं उठा पाए तो मेरी बात मानना पड़ेगी पर रावण ने बहुत प्रयास किया और भरी सभा में अंगद का पैर भी नहीं हिला सके। इस प्रकार से रामलीला में अंगद रावण संवाद की आकर्षक प्रस्तुति कलाकारों द्वारा दी गई अंगद की भूमिका कलाकार देवी राम गौर एवं रावण की भूमिका दौलत भाई द्वारा निभाई गई।

रामलीला में मंगलवार को होगी लक्ष्मण शक्ति सुंदर प्रसंग की प्रस्तुति
रामलीला मेला समिति के मीडिया प्रभारी सी एल गौर ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को रामलीला में स्थानीय कलाकारों द्वारा लक्ष्मण शक्ति प्रसंग की अति सुंदर लीला का मैदानी मंचन दर्शकों के समक्ष किया जाएगा। यह लीला अति रोचक होगी क्योंकि ब्रह्म शक्ति प्राप्त मेघनाथ द्वारा अपनी ब्रह्म शक्ति का प्रयोग करते हुए लक्ष्मण जी को मूर्छित कर देंगे, इस समय की लीला बहुत ही करुणामई लीला होगी जिसे देखने एवं धर्म का लाभ उठाने की अपील समिति द्वारा धर्म प्रेमियों से की है।