चार साल से नहीं हो रहे थे सहकारिता के चुनाव, हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती,लोकसभा चुनाव के पहले होंगे सहकारिता चुनाव
भोपाल।जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर चार साल बाद प्रदेश में सहकारिता चुनाव होंगे। चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश की 4531 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट जबलपुर ने चुनाव प्रक्रिया लोकसभा चुनाव के पहले पूरी करने के आदेश दिए हैं।
8 जनवरी: संस्था द्वारा सदस्यता सूची का प्रदाय
9 जनवरी : सदस्यता सूची का प्रकाशन
16 जनवरी : सदस्यता सूची पर आपत्ति प्राप्त करना
17 जनवरी : प्राप्त आपत्तियों का निराकरण एवं अंतिम सदस्यता सूची का प्रकाशन
18 से 20 जनवरी : अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करना
27 जनवरी : अपील निराकरण की अंतिम तिथि
28 जनवरी : राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी को अंतिम सूची प्रस्तुत करना
30 जनवरी : महिला पदों के विनिश्चय के लिए संचालक मंडल की बैठक की सूचना देना
2 फरवरी 2024: महिला पदों के विनिश्चय को मंडल की बैठक
5 फरवरी : आमसभा की सूचना एवं निर्वाचन कार्यक्रम जारी करना
12 फरवरी : नामांकन पत्र प्रस्तुत करना
13 फरवरी : नामांकन पत्रों की जांच एवं वैध नामांकन पत्रों की सूची का प्रकाशन
14 फरवरी : नामांकन वापसी, चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन व चुनाव चिन्हों का आवंटन
19 फरवरी : साधारण सम्मेलन में मतदान एवं मतगणना की तिथि
21 फरवरी : अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एवं अन्य संस्थाओं में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के चुनाव की सूचना जारी करना
24 फरवरी : अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य संस्थाओं में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों का निर्वाचन
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी एमबी ओझा के अनुसार, उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश ने आदेश में कहा है कि प्रदेश की समस्त प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन लोकसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने के पहले करा लिए जाएं।
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने मुख्य सचिव को इस आदेश से अवगत करा दिया है। गौरतलब है कि 2019 में लोकसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता 10 मार्च 2019 से प्रभावशील हो गई थी ।सात चरणों में से प्रथम चरण का मतदान 11 अप्रेल 2019 को हो गया था। इसलिए उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, 10 मार्च 2024 के पहले प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के चुनाव कराया जाना आवश्यक होगा। इसे देखते हुए सहकारी समितियों के चार चरणों में निर्वाचन कार्यक्रम प्रस्तावित है। निर्वाचन प्राधिकारी एमबी ओझा ने 19 दिसंबर को सभी संभागों के संयुक्त आयुक्त सहकारिता से समितियों की सदस्यता सूची सहित रिटर्निंग अधिकारी नियुक्ति करने अधिकारियों-कर्मचारियों की सोसायटीवार सूची 7 दिन के अंदर भेजने के निर्देश दिए हैं
सभी समितियों में प्रशासक कार्यरत: प्रदेश में पंजीकृत सभी कार्यशील सहकारी संस्थाओं के चुनाव करवाए जाने का मप्र सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 में प्रावधान है। प्रदेश में लगभग 4531 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकांश में वर्तमान में निर्वाचन न होने से प्रशासक कार्यरत हैं, जबकि निर्वाचित संचालक मंडल के स्थान पर प्रशासक 6 माह के लिए ही नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन लगभग चार साल से चुनाव नहीं हो सके हैं।