रामभरोस विश्वकर्मा मंडीदीप रायसेन
प्रदेश में सरकार किसी भी दल की हो भोजपुर से सांसद और विधायक तो भाजपा का रहा है भोजपुर विधानसभा पर चार दशक से पटवा परिवार का एक छत्र राज रहा है। इन 40 वर्षो में मात्र एक बार भोजपुर से कांग्रेस विधायक चुना गया। चार दशक से जनता के दिलों पर राज करने वाले भाजपा विधायक के विधानसभा क्षेत्र भोजपुर में आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित है कही स्कूल है तो अस्पताल नही है,सड़क है तो पीने का पानी का आभाव है,विधुत लाइन है पर विभाग ट्रांसफार्मर ले गए। नरकीय जीवन जीने को विवश हैं।

चार माह बारिश में कैद हो जाते है ग्रामीण:
भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी सड़क नही होने के कारण ग्रामीणों का चार माह तक शहर से सम्पर्क टूट जाता है। यहां हम उन विधानसभा के उन गांवों की बात कर रहे है जहां के निवासी दशकों से सड़क की मांग कर रहे है परन्तु उन्हें आश्वासनों के अलावा आज तक कुछ नही मिला आदिवासी गांव जोहरिया, नसखेड़ा,बरखेड़ा सेतू,सहित एक दर्जन गांव में सड़क नही है यहां के रहवासी अब जनप्रतिनिधियों को गांव में नही आने देने की बात कर रहे हैं। जोहरिया के रतन व प्रेम सिंह ने अलग अलग बताया की हमारे ग्रामों में आज तक सड़के नही बनी। वही उमरिया से दिगवाड के रहवासियों की भी यही कहानी है। रैसलपुर के लोग भी दो किलोमीटर की सड़क के लिए वर्षो से इंतजार कर रहे है।रातापानी अभ्यारण में बसे आदिवासी ग्रामों में सड़क पानी को जनता तरस रही है। ग्रामीणों का कहना है की वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद भी विधायक सुरेन्द्र पटवा ने इस और ध्यान नही दिया। चार दशक से यहाँ भाजपा के विधायक है फिर भी भोजपुर की जनता विकास को तरस रही है जब संवाददाता ने ग्राउंड ज़ीरो पर जाकर विधानसभा के प्रत्येक गांव कस्बा और शहरों का दौरा किया जहां विधायक सुरेन्द्र पटवा के दावों और विकास के वादों की पोल खुल रही है।
12 साल में राजाभोज कालेज को नही दिला पाए जमीन:
मंडीदीप का इकलौता शासकीय कालेज 12 साल से किराए के भवन में चल रहा है जनप्रतिनिधियों ने जनता को हर मंच से कालेज को जमीन दिलाने की घोषणाएं की लेकिन अमल करना भूल गए पूर्व छात्र एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मालवीय ने बताया की जनप्रतिनिधीयो की लापरवाही का खामियाजा शहर के लोग भुगत रहे है। जबकी एबीवीपी द्वारा समय समय पर कालेज भूमि की मांग की जाती रही है। 12 सालो से झूठी दिलासा के अलावा कुछ नही मिला।

सिर्फ दो बार उठाए विधानसभा मे प्रश्न बाक़ी सत्रों में मौन:
भोजपुर विधायक सुरेन्द्र पटवा ने 2018 से 2023 पंचवर्षीय कार्यकाल में अपनी विधानसभा सभा से जुड़े दो प्रश्न उठाये एक चिकलोद मे एम्स की ग्रामीण डिस्पेंसरी तथा दूसरा उमरावगंज में शासकीय महाविधालय को लेकर था। बाकी पूरे पांच साल कोई सवाल ही नही उठाये गए। जो प्रश्न विधानसभा में विधायक सुरेन्द्र पटवा ने उठाये थे इन पर कितना अमल हुआ यह इसका किसी को पता नही। इन दोनों मामलों की फाइले अभी धूल फांक रही है। भोजपुर विधानसभा का प्रवेश द्वार कहलाने वाला औधोगिक शहर को एक केंद्रीय विधालय की दरकार है इस पर आज तक किसी भी जनप्रतिनिधी ने ध्यान नही दिया। मंडीदीप के मास्टर प्लान पर कोई नज़र डालने वाला नही है लापरवाही और अनदेखी के अभाव में नगर का अव्यवस्थित विकास हुआ हालत यह है की अधिकांश वार्डो में अतिक्रमण के चलते चौड़ी सड़के गलियों में बदल गई आग लगने पर दमकल तक नही पहुंच सकती।
अल्पसंख्यक और आदिवासी बड़ा बोट बैंक:
दो चुनावो से भोजपुर विधानसभा का सबसे बड़ा बोट बैंक अल्पसंख्यक और आदिवासी का भरपूर समर्थन मिलने से पटवा के विजय आंकड़ो में जमकर इजाफा हुआ लेकिन इस बार ऐसा होगा इसका अनुमान कम है आदिवासी समुदाय इसलिए भाजपा से खफा हो रहा है की अभ्यारण क्षेत्र के आदिवासी ग्रामो में सड़क नही बनने से यह समुदाय नाराज है। जबकी अल्पसंख्यक समुदाय कांग्रेस उम्मीदवार को पसंद नही करता था इसलिए विधायक सुरेन्द्र पटवा के पक्ष में एकजुट होकर मतदान किया। इस बार स्तिथी भिन्न है दोनो समुदाय भाजपा से दूर होते दिख रहे है। जिसका फायदा इस बार काँग्रेस उम्मीदवार राजकुमार पटेल ले रहे हैं।
फैक्ट फ़ाइल भोजपुर विधानसभा :
कुल मतदाता : 2,42,364
महिला : 1,14,668
पुरूष : 1,27,668
अन्य : 8