– धाकड़ वोटर बाहुल्य पोहरी विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के नेता हुए बागी, बसपा से मिला टिकट
– दो की लड़ाई में तीसरे की निकल सकती है लॉटरी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुसीबत उनके ही सजातीय एक नेता ने बढ़ा दी है। कांग्रेस से टिकट न मिलने के बाद प्रद्युम्म वर्मा ने पार्टी से इस्तीफा देकर बसपा का दामन थाम लिया है। बसपा ने प्रद्युम्म वर्मा को पोहरी विधानसभा सीट से टिकट देने की भी घोषणा कर दी है। बसपा से टिकट मिलने के बाद प्रद्युम्म वर्मा क्षेत्र में संपर्क में भी जुट गए हैं और अपने सजातीय धाकड़ वोटरों को रिझाने में लगे हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम में सिंधिया के खास पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुसीबत बढ़ गई है। कारण यह है कि पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा का अपने ही समाज में विरोध है और अब इनके समाज के लोगों को दूसरा विकल्प प्रद्युम्म वर्मा के रूप में मिल गया है। इस दूसरे विकल्प के कारण मंत्री की परेशानी बढ़ सकती हैं।
दो की लड़ाई में तीसरे की निकल सकती है लॉटरी-
पोहरी विधानसभा क्षेत्र में 40 हजार से ज्यादा धाकड़ (किरार) वोटर हैं। यहां पर किरार वोटरों के कारण वर्ष 2018 के चुनाव में यहां से सुरेश धाकड़ कांग्रेस के टिकट पर जीते थे लेकिन बाद में मप्र में हुए दलबदल के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ राठखेड़ा भाजपा में आ गए। फिर उपचुनाव में भाजपा से टिकट मिला और जीते। इसके बाद पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा के खिलाफ अंदरूनी तौर पर विरोध और यहां पर एंटी इंकंबेंसी फैक्टर होने के बाद भी ज्योतिरादित्य की सिफारिश पर पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री को टिकट मिल गया। जबकि यहां पर भाजपा के मूल कार्यकर्ता और पुराने विधायक प्रहलाद भारतीय का नाम चर्चा में था लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। वहीं दूसरी और कांग्रेस ने यहां पर कुशवाहा वोटरों को ध्यान में रखते हुए कैलाश कुशवाह को टिकट दिया है। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी के नेता प्रद्युम्न वर्मा ने यहां बगावत कर दी और बसपा से टिकट लाकर अब अपने ही सजातीय नेता पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुसीबत बढ़ा दी है। अब एक समाज के दो धाकड़ नेताओं के मैदान में आने के बाद मुकाबल रोचक हो गया है।
कैलाश पहले दो बार रह चुके हैं दूसरे नंबर पर–
कांग्रेस ने पोहरी विधानसभा क्षेत्र में कैलाश कुशवाह को इस बार अपना टिकट दिया है। 2018 और 2020 के उपचुनाव के दौरान कैलाश कुशवाह बीएसपी के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे। दोनों ही चुनावों में कैलाश कुशवाह दूसरे स्थान पर रहे थे। कैलाश की इसी पकड़ को देखते हुए कांग्रेस ने इन्हें अब अपना उम्मीदवार बनाया है। अगर दो सजातीय धाकड़ समाज के एक दूसरे के खिलाफ मैदान में रहे तो इसका फायदा कैलाश को मिल सकता है।