रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
मंडीदीप उद्यौगिक केंद्र स्थित लगभग 2 दर्जन उद्योग की आड़ में अवेध कबाड़े का कारोबार खुलेआम फल फूल रहा है।जिसका जीता जागता उदाहरण है।नेहा इंटरप्राइजेज जिनको परमिशन चावल की भूसी पीसने की परमिशन के आधार पर प्लॉट दिया गया था।पर उसके साथ साथ उद्योग के नियमो की धज्जियां उड़ाकर खुलेआम अवेध कबाड़े का काम संचालित कर रहे है।मंडीदीप नगर के उद्योग केंद्र में लगभग 2 दर्जन के आज पास कबाड़े के कारोबार खुलेआम अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित हो रहे है।जिसमे पूर्व में लगभग आधा दर्जन आगजनी की घटनाएं हो चुकी है।इसके बाद भी एमपीआईडीसी के जिम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान नहीं देते है।बड़ी बड़ी घटनाएं घटित होती रहती है।जिम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान सिर्फ इसलिए नहीं देते है।की इस अवेध कारोबार को संचालित करने के लिए इसकी ही परमिशन ही लेनी पड़ती है जिसके बदले मोटी रकम मिलती है इसलिए एमपीआईडीसी के अधिकारी कभी कार्यवाही नही करते जिसके कारण यह अवेध कबाड़े का कारोबार खुलेआम संचालित होता रहता है।
इनका कहना है –
यदि कोई फैक्ट्री संचालक अवैध कबाड़े का कारोबार करता पाया जाता है तो हमारे द्वारा उसे नोटिस जारी किया जाता है 60 दिन में उसे हमे जवाब देना होता है।एमपीआईडीसी द्वारा किसी भी प्रकार के कबाड़े का कारोबार करने की परमिशन नहीं दी जाती है।
देवेंद्र साहू एमपीआईडीसी भोपाल