देवेंद्र तिवारी सांची रायसेन
शासन प्रशासन कितने ही प्रयास करें इस स्थल को स्वच्छ बनाए रखने परन्तु यह कोशिश तब धराशाई हो जाती है जब जिम्मेदार ही इस स्थल की स्वच्छता को दरकिनार कर देते हैं तथा जगह जगह कचरों के ढेर दिखाई देते हैं इससे न केवल नगर में गंदगी होती है बल्कि बदबू फैलने से गंभीर बीमारी फैलने का भी खतरा मंडराता नजर आने लगता है । यहां तक कि राष्ट्रीय राजमार्ग भी इस गंदगी से अछूता नहीं दिखाई देता । जिससे इस स्थल की छवि पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
जानकारी के अनुसार इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल पर पर्यटकों का लगातार आने का सिलसिला जारी रहता है तथा इस स्थल की प्रसिद्धि भी विदेशों तक पहुंच चुकी है परन्तु इस स्थल पर की प्रसिद्धि को स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार लगातार पलीता लगाने में पीछे नहीं दिखाई देते हैं इस स्थल पर गुरुवार को हाट-बाजार लगाया जाता है इसमें आवारा पशुओं का जमावड़ा किसी से छिपा नहीं है इन पशुओं पर लगाम लगाने प्रशासन पूरी तरह असफल साबित हो चुका है इसी प्रकार हाट-बाजार के बाद यहां कचरा घंटों अपने उठने का इंतजार करता रहता है जबकि नगर की सफाई व्यवस्था प्रतिदिन सुबह पांच बजे से शुरू कर दी जाती है जबकि इस स्थल की आबादी लगभग दस हजार के आसपास बताई जाती है तथा कर्मचारियों की संख्या भी कम नहीं है लेकिन इसके बाद भी दूसरे दिन शुक्रवार शाम तक कचरों के अंबार बीच बाजार में लगे दिखाई दे जाते हैं इतना ही नहीं इस कचरों के अंबार से उठने वाली सढांध बदबू से बसस्टेंड परिसर में स्थित खान पान की दुकानों पर आने जाने से कतराते रहते हैं तथा दुकानदारों को स्वयं भी इस बदबू से परेशानी उठानी पड़ती है परन्तु जिम्मेदार इसकी सुध लेने तैयार नहीं दिखाई देते । तथा जैसे तैसे कचरा ट्रालियों से भर भी लिया जाता है तो भरी भराई ट्रालियों को अपने मुकाम तक पहुंचने में घंटों इंतजार करना पड़ता है जबकि ट्रालियों में भरने के पूर्व ही आवारा पशुओं को इस कचरों से बदबू दार सडा आहार तो मिल ही जाता है बल्कि इसमें पोलिथिन भी पशुओं की खुराक बनती दिखाई देती है जिससे पशुओं को भी इससे होने वाली बीमारी फैलने से इंकार नहीं किया जा

सकता है । जैसे तैसे कचरों की ट्रालियों को उठाया जाता है तो इन्हें अपने कचरा स्थल तक न ले जाकर बसस्टेंड परिसर में ही आबादी वाले क्षेत्रों में इकट्ठा कर लिया जाता है जिससे आसपास के दुकानदारों को खासी परेशानी से जूझना पड़ता है । इतना ही नहीं इस स्थल से गुजरे राष्ट्रीय राजमार्ग जिससे दिनभर विशिष्ट अतिविशिष्ट व्यक्तियों के निकलने से अंजान स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार अपने ही कार्यालय के समीप कचरों से भरी बदबू मारती ट्रालियों को खड़ा किया जाता है जिससे इस स्थल की छवि तो दागदार होती ही है साथ ही विशिष्ट अतिविशिष्ट व्यक्तियों के गुजरने का भी कोई असर पड़ता दिखाई नहीं देता है।

नगर में लगे सौर ऊर्जा के खंभे ढहने लगे
वैसे तो इस स्थल को सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट में लगभग सत्रह करोड़ रुपए खर्च होने की चर्चा सुनने को मिल जाती है तथा इस स्थल को सोलर सिटी के नाम से भी जाना जाता है एवं यह देश की दूसरी एवं प्रदेश की पहली सोलर सिटी कहलाती है तथा इसका लोकार्पण देश के प्रधानमंत्री को करना था परन्तु किन्हीं कारणों से प्रधानमंत्री द्वारा तो नहीं किया जा सका बल्कि हाल ही में कुछ दिन पूर्व ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लोकार्पण किया गया था । जबकि नगर में पहले से ही सोलर लैंप नगर को रोशन करने लगा दिए गए थे लगभग सैकड़ों की संख्या में नगरीय क्षेत्र में रोशन करने की दृष्टि से सोलर खंबे खडे किए गए थे तथा यह रोशन भी होने लगे परन्तु बताया जाता है अनेक स्थानों से सोलर खंबे भी गायब हो चुके हैं तथा नगर में भी सोलर खंबे जमीन पर पड़े दिखाई देने लगे हैं तथा सोलर प्लांट के जिम्मेदार बेखबर बने हुए हैं नगर के भीतरी क्षेत्रों में खंभों के जमीन पर आड़े पड़े होने से जहां अंधेरा छाने लगा तो वहीं सोलर प्रोजेक्ट के जिम्मेदार लापरवाह बनकर रह गए हैं सरकार के करोड़ों खर्च करने के बाद भी अनदेखी के चलते खंबे ढहते रहेंगे तथा नगर अंधेरे की जकड में जकड़ना शुरू हो जायेगा ।