तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
सिलवानी रायसेन। प्रदेश में आदिवासियों के ऊपर अत्याचार कम होने का नाम नहीं ले रहे है। ताजा मामला आदिवासी बाहुल्य विकासखंड सिलवानी के ग्राम चैनपुर का है, जहां पुलिस एक आदिवासी युवक को गांब से मारते पीटते पुलिस चौकी ले गई और जो सुबह घर बाहरी कमरे में मरा हुआ मिला है। परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना और हत्या करने का आरोप लगाया है। जिसका बुधवार को तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम कर पुलिस साये में अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को सिलवानी थाना की जैथारी पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम चैनपुर में धार्मिक आयोजन किया जा रहा था जहां श्रीराम आदिवासी शराब के नशे मेें उत्पात कर रहा था ग्राम सरपंच प्रतिनिधि पप्पू ठाकुर ने पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने ग्राम पहुंचकर युवक को पकड़ कर मारपीट की, वही ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस मंदिर से स्कूल तक मारते पीटते लेकर आई और स्कूल के पास जूते से पिटाई कर गाड़ी में बिठाकर पुलिस चौकी ले गई।
मृतक श्रीराम आदिवासी के पिता जगमोहन आदिवासी ने बताया कि मंगलवार की शाम 4 बजे जैथारी पुलिस मेरे बेटे को मारते पीटते ले गई थी और बुधवार की सुबह घर के बाहरी कमरे में मरा हुआ मिला है। जिससे हम सिलवानी अस्पताल ले गये तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर पोस्टमार्टम किया गया और शाम को पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया है। मेरे बेटे को पुलिस ले गई थी और उसी ने मरवा दिया है।
निरपतसिंह ठाकुर पूर्व सरपंच ने बताया कि मंगलवार की शाम को दो पुलिस वाले आये थे श्रीराम आदिवासी को पकड़ कर स्कूल के सामने जूतों से पिटाई कर पुलिस चौकी ले गई थी सुबह देखा तो घर के बाहरी कमरे में मरा हुआ मिला है। रात के अंधेरे मेे कब कितने बजे, कौन कमरे में छोड़ कर चला यह जानकारी किसी को नहीं है।
मृतक के भाई रामनरेश आदिवासी का कहना है कि मेरे छोटे भाई श्री राम आदिवासी को पुलिस गांब से पकड़कर मारते पीटते ले गई थी और सुबह देखा तो बाहर के कमरे में मरा हुआ मिला है।
जगमोहन आदिवासी के दो पुत्र रामनरेश और श्रीराम थे। श्रीराम छोटा था और उसका विवाह गीताबाई से इुआ था और उसकी संतान नहीं है।
इस संबंध में जैथारी पुलिस चौकी प्रभारी सत्येन्द्रसिंह कुशवाहा ने बताया कि मंगलवार की शाम को चैनपुर से सरपंच प्रतिनिधि पप्पू ठाकुर का फोन आया था कि भजन कार्यक्रम में श्रीराम आदिवासी शराब के नशे में गाली गलौच और उत्पात कर रहा है सूचना पर श्रीराम आदिवासी को जैथारी पुलिस चौकी लाया गया था, और रात लगभग 8ः30 बजे उसे सरपंच प्रतिनिधि पप्पू ठाकुर और मस्तराम आदिवासी को सुपुर्द कर दिया था। दूसरे दिन सुबह खबर मिली कि श्रीराम आदिवासी की मौत हो गई। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और उसका सिविल अस्पताल सिलवानी में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
ब्लाक मेडीकल ऑफीसर डॉ. एच.एन. मांडरे का कहना है कि ग्राम चैनुपर निवासी श्रीराम आदिवासी मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था जिसका मेरे और डॉ. आर.एस. पटेल, डॉ. अभिषेक ठाकुर के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया और बिसरा जांच हेतु लेब में भेजा गया है।
सरपंच प्रतिनिधि पप्पू ठाकुर का कहना है कि मंगलवार को गांब भजन कार्यक्रम चल रहा था जिसमें श्रीराम आदिवासी गाली गलौच और उत्पात कर रहा था, जैथारी पुलिस को सूचना दी गई थी जिसे पुलिस ले गई और रात 8ः30 मैं और मेरा साथी मस्तराम जैथारी पुलिस चौकी से वापिस लाकर रात्रि 9 बजे गांब के बाहर छोड़ दिया था, सुबह मालूम हुआ कि उसकी मौत हो गई।
इस संबंध में एसएन उपाध्याय, डीएसपी, अजाक्स थाना, रायसेन का कहना है कि चैनपुर में युवक की मौत के मामले को लेकर जैथारी चौकी गए थे। वहां परिजनों से बात तो नहीं हुई है लेकिन उन्होंने कुछ आरोप लगाए हैं। हालांकि जिस युवक की मौत हुई है उसके सरपंच प्रतिनिधि द्वारा जैथारी चौकी से घर पर छोड़ा गया था। सिलवानी पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।