Let’s travel together.

मध्य प्रदेश के राजनीतिक माहौल को समझने के बाद अब अमित शाह की मौजूदगी में तय होंगे चुनाव के मुद्दे

111

भोपाल । नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की दिशा क्या होगी, मुद्दे क्या होंगे, नारे क्या होंगे, पार्टी इसकी तैयारी में जुट गई है। प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव और सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव ने दो दिनों तक मीडिया, इंटरनेट मीडिया और अन्य विभागों के साथ बैठक कर मध्य प्रदेश के राजनीतिक माहौल को समझा है। अब वे दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अगली रणनीति तय करने 19 जुलाई को फिर भोपाल आएंगे।

30 जुलाई को भोपाल आ सकते हैं अमित शा

इस बैठक में शामिल होने के लिए शाह भी बुधवार शाम को आकर 20 जुलाई को दिल्ली रवाना होंगे। पार्टी नेताओं द्वारा संभावना जताई जा रही है कि अगली बैठक में वे चुनाव के राजनीतिक मुद्दे तय कर देंगे, यानी चुनाव की थीम पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इसके पहले अमित शाह ने 11 जुलाई को भोपाल आकर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें भी भूपेंद्र यादव व अश्विनी वैष्णव मौजूद थे। इसके बाद 30 जुलाई को फिर शाह का भोपाल दौरा संभावित है।

नेताओं और कार्यकर्ताओं से से लिया फीडबैक

केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव ने भोपाल में दो दौर की बैठक के दौरान पदाधिकारियों से लेकर कई नेताओं और कार्यकर्ताओं तक से फीडबैक लिया, लेकिन परिणामसूचक कोई बात सामने नहीं आई। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह लग रहा है कि अब फैसले के लिए दिल्ली की अनुमति का इंतजार है। उधर, चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेताओं को भी चुनाव प्रबंधन कमेटी के संयोजक बनाए गए नरेंद्र सिंह तोमर की टीम का भी इंतजार है। वजह पिछले चुनावों में अपनाई गई कार्यशैली है।

2003 से 2013 तक के चुनाव में प्रबंधन का सारा काम स्व. अनिल दवे और उनके साथ स्व. विजेश लूनावत और टीम देखा करती थी। 2018 के चुनाव से पहले दवे का निधन हो गया। कोविड महामारी के दौरान लूनावत भी नहीं रहे। यह पहला अवसर है, जब चुनाव प्रबंधन में माहिर नेताओं की कमी महसूस की जा रही है।

57 जिलों की चुनाव समितियों को समायोजित करेंगे

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा का भी सहयोग अधिकतर चुनाव में प्रबंधन के काम में लिया जाता था, लेकिन लंबे समय से वे भी हाशिए पर हैं। दरअसल, जिला स्तर पर पीढ़ी परिवर्तन के कारण बड़ी संख्या में ऐसे कार्यकर्ता हैं, जो काम न होने से सक्रिय नहीं हैं। पार्टी का सोच है कि इन्हें प्रदेश के सभी 57 जिलों की चुनाव समितियों में समायोजित कर लिया जाए। दो दिनों की बैठक में हर जिले के लिए चुनाव प्रभारी, सह प्रभारी और अन्य समितियों के प्रभारियों के नामों पर विचार किया गया है

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

सेवा संकल्प अभियान::सेवा के रंग ,राष्ट्र के संग थीम पर मानव रंगोली का आयोजन     |     गढ़ी में सड़क किनारे नाली निर्माण, पेवर ब्लॉक, यात्री प्रतीक्षालय और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की मांग     |     नवरात्रि पर रायसेन में 100 स्थानों पर सजेंगे माता रानी के पंडाल, 18 फीट की मां काली और 15 फीट की दुर्गा प्रतिमाएं होंगी स्थापित     |     श्री दुर्गा उत्सव के दौरान नवरात्रि पर्व को लेकर पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च     |     नर्मदा के आंवली और बोरास घाटों पर पितरों के तर्पण के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु     |     जरौदा जनसुनवाई में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा सौंपा ज्ञापन     |     गोल्डन कैरी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के चार विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय रग्बी प्रतियोगिता के लिए चयन     |     स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के विरोध में रायसेन जिले के पटवारी कलमबंद हड़ताल पर     |     नवरात्रि पर्व एवं दशहरा को लेकर शांति समिति की बैठक हुई संपन्न     |     प्रजापति मूर्तिकारों की कला से सजेगा मां जगदंबे का दरबार, अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811