Let’s travel together.

कब है बसंत पंचमी 2022 :: माँ सरस्वती का जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते है बसंत पंचमी

0 149

त्रिदेवियों में से एक माता सरस्वती की पूजा वसंत पंचमी के दिन होती है। वसंत पंचमी के दिन को इनके जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं। देवी सरस्वती का वर्ण श्‍वेत है। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा करने वालों को विद्या और बुद्धि का वरदान मिलता है।

बसंत पंचमी 2022 कब है : बसंत पंचमी 5 फरवरी शनिवार को है। यह पंचमी हिन्दू माह अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इस दिन माता सरस्वती की पूजा होती है। इसी दिन से भारत में वसंत ऋतु का आरम्भ होता है। बसंत पंचमी की पूजा पूर्वाह्न में की जाती है।

पूजा मुहूर्त : प्रात: 07:07:19 बजे से दोपहर 12:35:19 तक।

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:50 से दोपहर 12:34 तक।

अमृत काल : सुबह : 11:19 से दोपहर 12:55 तक।

श्रेष्ठ संयोग : उत्तराभाद्रपद के दौरान सिद्ध योग, साध्य योग और रवि योग।

दिशा शूल : पूर्व

माता सरस्वती का मंत्र :

मां सरस्वती मंत्र : ओम ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।

सरस्वती गायत्री मंत्र : ‘ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्‌। ‘

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

विश्व पर्यावरण दिवस पर जनजागरण यात्रा सफल, शीतल परिवार ने जताया आभार     |     नशामुक्ति के नारों के बीच ‘शराब एक्सप्रेस’! गांव-गांव बोतल पहुंचाने वाली बुलेरो पर किसकी मेहरबानी?     |     सिर्फ किशोर दा” में गूंजे किशोर कुमार के अमर नगमे     |     इंदौर में 36 घंटे का अखंड संगीत महोत्सव 13 जून से, कलाकारों और विद्यार्थियों का होगा सम्मान     |     प्रीति चौधरी  85 वर्षीय सास चंद्रो देवी को टब में बैठा सर पर रखकर करा रही पवित्र बृज 84 कोस परिक्रमा     |     विश्व पर्यावरण दिवस पर सैंकड़ो फलदार पौधों का रोपण     |     विश्व पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता का संदेश     |     विश्व पर्यावरण दिवस पर कुंवरगढ़ में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न     |     अनुज शर्मा की चुनावी सभाओं का दिखा सफल परिणाम, भाजपा प्रत्याशियों की प्रचंड जीत     |     ज़रोदा में सुशासन तिहार चार सौ दस आवेदनों का निराकरण     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811