भोपाल। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के शुद्धिकरण और मतदान केंद्रों के निरीक्षण का काम निर्वाचन अधिकारियों द्वारा कराया जा रहा है। इस काम के लिए जिले में 2022 बीएलओ लगाए गए हैं, जिन्हें घर-घर जाकर यह काम करना था। इस काम में बीएलओ द्वारा लापरवाही बरती जा रही हैं, जिस पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने 22 बीएलओ को निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर ने बताया कि मतदाता सूची के कार्य में बीएलओ द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। उन्हें घर-घर जाकर मतदाता सूची के अनुसार मतदाता नाम, पते और फोटो का सत्यापन किया जाना था। इस काम में 22 बीएलओ द्वारा दिए गए आदेशों का निर्वाहन नहीं किया गया।
मतदाता सूची अपडेशन के काम में लापरवाही बरती है। इसी वजह से मध्यप्रदेश सिविल सेवा के अंतर्गत 22 विकासखंड अधिकारी (बीएलओ)को निलंबित कर दिया गया है।बता दें निर्वाचन अधिकारी ने 12 अप्रैल 2023 से बीएलओ को मतदाता सूची के कार्य की जिम्मेदारी सौंपी थी।
इन कर्मचारियों पर हुई है निलंबन की कार्रवाई
चुनावी कार्य में लगाए गए 22 कर्मचारियों द्वारा किए गए कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-तीन अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में आने के कारण निलंबन की कार्रवाई की गई है। जिनमें अनिल मेराल,रंजन कुमार सक्सेना, विपिन ठाकुर, विजय त्रिपाठी, प्रकाश पटेल, प्रकाश सावरे, शत्रुधन प्रसाद तिवारी, शंकर वेगा, मनोज राज, हरदेव सिंह, विजय मिढोरे, मनोज कुमार, संतोष कुमार,अंसी वर्गीस, राजकुमार वर्मा, योगेश सरवैया, रमेश शर्मा, सौरभ दुबे, श्याम सिंह भदौरिया और राजेंद्र सिंह शामिल हैं। इसी तरह जगदीश यादव, विजय कुमार पाटिल को भी निलंबित किया है।
यह काम करता है बीएलओ
– मतदाता सूची का सत्यापन
– फोटो, नाम, पते की जानकारी पुष्ट करना
– सूची से नाम जोड़ने और हटाने
– घर जाकर या फिर केंद्र से फोन लगाकर
– मतदान केंद्रों की स्थिति में सुधार करना
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