हिन्दी फिल्मों की दिग्गज अदाकारा सुलोचना का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रही थीं। कुछ महीनों पहले भी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद उनकी अस्पताल से छुट्टी भी कर दी गई थी। इसके बाद एक बार फिर से उनकी अचानक तबीयत खराब हुई और उन्हें मुंबई के सुश्रृषा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और 4 जून को उन्होंने अंतिम सांसें लीं। सोमवार को प्रभादेवी स्थित उनके घर पर अंतिम दर्शनों के लिए उनका पार्थिव शरीर रखा जाएगा। फिर शिवाजी पार्क स्थित श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शानदार करियर
सुलोचना 940 से दशक से फिल्मों में सक्रिय हुईं और 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। ये मराठी फिल्म इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा रही हैं। उनकी मशहूर मराठी फिल्मों में ‘मराठा तितुका मेलवावा’, ‘मोलकरीण’, ‘बाला जो रे’, ‘सांगते ऐका’, ‘ससुरवास’, ‘वाहिनी ची बंगद्या’ शामिल हैं। मराठी फिल्मों के अलावा हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने अपनी एक खास पहचान बनाई थी। इन्होंने देवआनंद और धर्मेन्द्र से लेकर राजेश खन्ना तक बड़े सितारों के साथ काम किया था। बाद के वर्षों में वे हिंदी सिनेमा में स्टार्स की मां का किरदार निभाती दिखी थीं। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में ‘रेशमा और शेरा’, ‘मजबूर’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्में शामिल हैं
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