भोपाल। नवंबर में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कोटा के आधार पर किसी को प्रत्याशी नहीं बनाएगी। महिला, युवा या अन्य किसी भी वर्ग के व्यक्ति को जीत की संभावना के आधार पर ही टिकट दिया जाएगा। इसके लिए दावेदारों की क्षमता का आकलन वरिष्ठ नेताओं की रिपोर्ट, सर्वे और विभिन्न संगठनों की जानकारी के आधार पर होगा। सबसे पहले उन सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम निर्धारित किए जाएंगे, जहां पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से जिलों में टिकट के दावेदारों की स्थिति का आकलन करा रही है। परिवर्तन संकल्प अभियान के अंतर्गत कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से संभावित प्रत्याशी को लेकर जानकारी ली जाएगी। ये सभी अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ को देंगे। वे अपने स्तर से सर्वे भी करा रहे हैं।
साथ ही गैर सरकारी संगठनों से भी जानकारी ली जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी जिलों का दौरा करके कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि दावेदारी जताने का अधिकार तो सभी को है पर प्रत्याशी वही होगा, जिसके जीतने की संभावना होगी।
इसका आकलन विभिन्न माध्यमों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर होगा। उधर, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा.विक्रांत भूरिया का कहना है कि जिन कार्यकर्ताओं का बूथ स्तर पर अच्छा काम होगा और उसमें जीतने की संभावना होगी तो नाम आगे बढ़ाया जाएगा। प्रत्याशी किसे बनाया जाएगा, यह निर्णय पार्टी स्तर पर होगा। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि कोटा नहीं, केवल जीतने वाले को प्रत्याशी बनाया जाएगा। नगरीय निकाय चुनाव में भी ऐसा किया गया था और परिणाम सामने हैं।
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