भोपाल । भेल के कर्मचारी बोनस, इंसेटिव आदि के लिए लामबंद हो गए हैं। कर्मचारी पीपी बोनस और इंसेटिव आदि पर मैनेजमेंट को उनका वादा भी याद दिला रहे हैं। उनका साफ कहना है कि बोनस, पीआरपी आदि मागों पर प्रबंधन अपना वादा नहीं निभा रहा। इधर यूनियनों ने भी कर्मचारियों को 40 हजार रुपए का बोनस अविलंब दिए जाने की भी मांग की है।
भेल संघर्षशील संयुक्त ट्रेड यूनियन ने बुलेटिन निकालकर गेट मीटिंग की। इसमें बड़ी संख्या में भेल कर्मचारी शामिल हुए। इस मौके पर मोर्चे में शामिल ट्रेड यूनियन नेता दिलीप झारिया ने भेल प्रबंधन और जीती हुई यूनियनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अभी तक कर्मचारियों का इनसेन्टिव इन्सेलरी चालू नहीं करवाया गया। उन्होंने बोनस और पीआरपी आदि मागों को अविलंब पूरा करने पर भी जोर दिया।
भेलू के रामअवतार शर्मा ने कहा भेल में कर्मचारियों की लम्बित मांगे हैं, जिसे प्रबंधन नहीं मान रहा है, जबकि कर्मचारियों ने अपनी पूरी ताकत और मेहनत से 31 मार्च को उत्पादन पूर्ण किया है। मोर्चे में शामिल एससी/ एसटी/ ओबीसी यूनियन के अध्यक्ष राकेश मेहरा ने कहा जीती हुई यूनियनें नकारा साबित हुईं। उन्होंने कर्मचारियों से तीन महीने में इन्सेन्टिव इन्सलरी दिलाने की बात कही थी पर वह वादा नहीं निभाया जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। ऐसे में प्रबंधन को आगे आकर कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करना चाहिए और कम से कम 40 हजार बोनस अविलंब वितरित किया जाना चाहिए।
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