यशवन्त सराठे बरेली रायसेन
एक मात्र शा.महाविधालय बरेली जो आज जोर्ण शीर्ण अवस्था मै नगर ओर आसपास के छात्रो के भविष्य का निर्माण कर रहा है।
जिसे 80 के दसक के पूर्व नगर के गणमान्य धागरिको एवं पूर्व विधायक स्व.श्री खुमान सिह रधुवंशी के अथक प्रयासो से पूर्व राष्ट्रपति स्व श्री शंकरदयाल शर्मा के द्वारा 40 एकड़ भूमि पर दानदाताओ की राशि से वनवाया गया था जो कृषि महाविधालय के लिये स्वीकृत हुआ दुर्भाग्य वश कृषि महाविधालय सीहोर चला गया ।
शा.महाविझलय बरेली जिले मे एक मात्र विधालय था जिसमे अधृययन कर मंत्री ,से लेकर डाक्टर,इंजीनियर, वकील आदि ने महाविधालय को गौरव प्रदान किया।
लेकिन इस महा विधालय की स्थिति हायर सेकेन्ड्री स्कूल जैसी रह गयी है।
नाम मात्र का महा विधालय रह गया है।
पहले विभिन्न विषयो से एम .ए.,एम.एस.सी. एवं एन सी सी ,व विभिन्न प्रकार की क्रीड़ा प्रतियोगिताये हुआ करती थी जो समाप्त हो गयी है।
होस्टल पुर्ण रूप से क्षतिग्रस्त है।
ऐसी परिस्थिति मे जन भागीदारी अध्यक्ष संदीप चौहान ने पत्रकार वार्ता मे वताया कि राजस्व विभाग के द्वारा महाविधालय की भूमि अनुविभागीय कार्यालय हेतु अधिग्रहण करने की मांग की गयी है,जो दीवार पर चस्पा किया गया है।,इसके पूर्व भी 3 एकड़ भूमि सिविल न्यायालय हेतु अधिग्रहण की जा चुकी है।पर अब मै महाविधालय की भूमि को हस्तान्तरित नही होने दूगां इसके लिये मुझे जन आन्दोलन ही क्यो न करना पड़े। इस वार्ता मे महाविधालय के प्राचार्य नीरज दुवे,वरिष्ठ प्राध्यापक डा.आर एन सक्सेना,जन भागीदारी के अरूण दुवे उपस्थित थे।
