ग्वालियर। ग्वालियर में प्री वेडिंग शूट का तेजी से बढ़ रहा क्रेज, कपल के परिवार भी यही चाहते हैं। प्री वेडिंग शूट का ट्रेंड शहर में तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए कपल लाखों तक खर्च कर रहे हैं। शूट के लिए ग्वालियर ही नहीं दिल्ली, गोवा और ऋषिकेश तक की डेस्टिनेशन को वे चुन रहे हैं। इस ट्रेंड ने सिटी फोटोग्राफर्स को भी कुछ यूनिक करने का मौका दिया है। उनका कहना है प्री शूट वैवाहिक रस्मों से अधिक मुश्किल है, एक बार फोटो ठीक से क्लिक नहीं होता है। चूंकि तकनीक की वजह से उन्हें रोल के भरोसे नहीं रहना पड़ा रहा है, इसलिए अधिक से अधिक क्लिक करने पर खर्चे का लोड नहीं रहता है। जब किसी कपल को एक दिन में शूट पूरा कराना हो तो नजरें घड़ी पर रखनी पड़ती हैं। लगभग तीन मिनट के वीडियो में उन्हें अलग-अलग ड्रेस और अलग-अलग लोकेशन के 20 से 22 फोटो को शामिल करना होता है।
जैसे शादी के बाद दिन बीत रहे हों
सिटी फोटोग्राफर विक्की गाबरा का कहना है प्री वेडिंग शूट में कपल को एक्चुअल माहौल दिया जाता है। ग्वालियर के कई कपल दिल्ली की पिक्चर डेस्टिनेशन पर शूट करा रहे हैं, जो कपल यहा पहुंचते हैं उनका शूट 30 से 32 सेट पर पूरा किया जाता है। इसी की तर्ज पर ग्वालियर के पास पनिहार क्षेत्र में वैकलाग डायरीज डेस्टिनेशन विकसित की गई है। दोनों ही डेस्टिनेशन पर कपल को किचन सेट से लेकर बेडरूम और ड्राइंगरूम तक का सेट उपलब्ध कराया जाता है। यहां उनका शूट ऐसे होता है मानो वे रियल लाइफ में हों। वे लड़ते झगड़ते हैं, किचन में होने वाला पति खाना बनाता है। होने वाली पत्नी को झगड़े के बाद मनाने के लिए प्यार भी जताता है। ऐसा लगता है मानो प्यार की हथकिड़यां लग रही हों। दोनों डेस्टिनेशन पर मेकअप आर्टिस्ट भी मिल जाता है, उसका चार्ज अलग से आठ से दस हजार रुपये तक देना पड़ता है।
एक नजर में शूट की स्थिति
-70 हजार चार्ज करते हैं फोटोग्राफर सिटी डेस्टिनेशन पर शूट का।
-25 हजार रुपये देने पड़ते हैं दिल्ली डेस्टिनेशन पर एक दिन का।
-2 लाख 50 हजार रुपये तक खर्च आता है गोवा और ऋषिकेश पर शूट का। यहां शूट करने में तीन से चार दिन का समय लग ही जाता है।
लोकल डेस्टिनेशन पर दुर्ग और बैजाताल
फोटोग्राफर रघुवीर सिंह का कहना कपल की पसंद लोकल डेस्टिनेशन में ग्वालियर दुर्ग और बैजाताल बना हुआ है। दुर्ग पर फोटोग्राफी के लिए प्रबंधन से शुल्क चुकाकर अनुमति लेना पड़ती है। इसके अलावा कुछ कपल खंडहर, बाजार और मितावली-पड़ावली में शूट करा रहे हैं। जिनके पास वक्त कम है वे ओरछा को चुन रहे हैं।
अब बचा आने जाने का खर्च
फोटाग्राफर सागर का कहना है ग्वालियर के पास वैकलाग डायरीज डेस्टिनेशन के शुरू होने से इसके प्रति सिटी कपल का रुझान बढ़ा है। हालांकि यहां सेट अधिक नहीं है। अगर कोई कपल दिल्ली या फिर और किसी डेस्टिनेशन पर शूट कराता है तो उसे यह महंगा पड़ता है। क्योंकि आने-जाने, रुकने के साथ समय भी अधिक लगता है। लगभग कपल आउटडोर ही शूट कराना चाहते हैं। शूट हुए फोटो को मिक्स करने में आठ से दस दिन का समय लगता है। सागर ने बताया बेहतर फोटोग्राफी का हिस्सा हमारा बाजार भी बन चुका है, जहां रात के समय सिटी फोटोग्राफी प्री वेडिंग शूट कर रहे हैं।
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