जबलपुर। हाई कोर्ट के पूर्व निर्देश के पालन में राज्य शासन ने अपना जवाब पेश किया। जिसमें बताया कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण के काम में संलग्न सभी वाहनों में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) इंस्टाल कर दिया गया है। राज्य शासन के जवाब को अभिलेख पर लेकर मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने उस जनहित याचिका का अंतिम निराकरण कर दिया, जिसमें उक्त मांग की गई थी।
एपम स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से जवाब प्रस्तुत कर बताया गया कि पीडीएस सामग्री के परिवहन में संलिप्त कारपोरेशन एवम सभी अनुबंधित वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगा दी गई है। साथ ही जीपीएस ट्रैकिंग के लिए कमांड व कंट्रोल सेंटर भी स्थापित व संचालित कर दिया गया है। वर्ष 2016 में अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन के सचिव मुकेश कुमार पांडेक्ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एमपी पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन कंट्रोल आर्डर 2009 में निहित प्रविधानों के तहत प्रदेश के समस्त ऐसे वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य है जो खाद्यान्न का परिवहन करते हैं।
याचिका में बताया गया था कि प्रदेश के अन्य जिलों के अलावा रीवा और सतना में ऐसे सैकड़ों वाहन हैं जिनमें उक्त डिवाइस नहीं लगा है, जिससे चोरी और गड़बड़ी की शिकायतें आती हैं। याचिका के लंबित रहते कोर्ट ने सरकार व कारपोरेशन से इस संबंध में वस्तुस्थिति बताने कहा था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नित्यानंद मिश्र ने पैरवी की और शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता एसएस चौहान व शोभितादित्य ने पक्ष रखा।
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