Let’s travel together.

सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय बार परीक्षा की वैधता पर लगाई मोहर 

98

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) की वैधता की पुष्टि करते हुए कहा बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के पास परीक्षा आयोजित करने के लिए पर्याप्त शक्तियां हैं। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम बीसीआई को मानदंड निर्धारित करने के लिए पर्याप्त अधिकार प्रदान करता है।
पीठ में शामिल जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस एएस ओका, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस जेके महेश्वरी ने कहा कि नामांकन से पहले या बाद में परीक्षा आयोजित करने का फैसला बीसीआई को करना है। पीठ ने कहा एक नामांकित अधिवक्ता, जो कम से कम पांच साल के लिए गैर-कानूनी नौकरी करता है, को प्रैक्टिस करने के लिए फिर से एआईबीई परीक्षा में बैठना होगा। एक वकील के रूप में अनुभव की गणना बाद में की जाएगी। गौरतलब है कि इसके पहले शीर्ष अदालत ने बार काउंसिल द्वारा आयोजित योग्यता परीक्षा की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

अमानक घी के विक्रय को रोकने के विभिन्न ब्रांडों के नमूने लेकर जांच हेतु भेजे      |     विश्व आदिवासी दिवस पर उमड़ा आदिवासी समाज जल-जंगल-जमीन की रक्षा और एकता का दिया संदेश     |     विजय ट्रांसमिशन में युवक की मौत ,ग्रामीणों का फूटा आक्रोश     |     आज का त्याग, कल की धर्म विरासत बने : मुनि श्री     |     भाग्योदय तीर्थ में वर्षायोग चातुर्मास कलश स्थापना सम्पन्न     |     ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली कावड़ यात्रा, गौरी शंकर धाम में हुआ समापन     |     साझा पहल: सड़क किनारे कदम-कदम पर कदंब लगाने का संकल्प, एसोसिएशन ने मशीन भेंट करने का लिया निर्णय     |     हर घर तिरंगा’ अभियान: विधायक देवेंद्र जैन ने विभिन्न ग्रामों का किया सघन भ्रमण, बांटे तिरंगे और सुनीं जनसमस्याएं     |     भाजपा की वृहद जिला कार्यसमिति बैठक में गूंजा राष्ट्रहित का संकल्प     |     बेगमगंज के भुरेरू गांव में खूनी संघर्ष: आपसी विवाद में जमकर चले लाठी-डंडे और धारदार हथियार, 8 घायल     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811