37 परिवारों को मकान निर्माण के लिए मिले 44 लाख…. बाढ़ में कट गए थे रामनगरा गांव के 37 परिवारों के घर, 44 लाख कृषकों को 21. 84 करोड़ का अनुदान
श्रावस्ती काफी पिछड़ा जनपद माना जाता था, लेकिन लगातार प्रयासों से विकास में तेजी आई है। 422 विद्यालय सरकार की योजना आपरेशन कायाकल्प’ 19 पैरामीटर्स से आच्छादित हो चुके हैं। 381 परिषदीय विद्यालयों में नवीन शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्मार्ट क्लास की स्थापना की गयी है।
इसके अतिरिक्त 25 स्मार्ट सेन्टर भी निर्मित कराए गए हैं। वहीं 360 परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर की आपूर्ति कराई जा चुकी है। जिसके दृष्टिगत आज परिषदीय विद्यालय प्राइवेट विद्यालय के समकक्ष है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के सहयोगार्थ राजकीय पुस्तकालय को उच्चीकृत स्मार्ट क्लास, विभिन्न प्रतियोगी पुस्तकों एवं कम्प्यूटर मय इन्टरनेट की व्यवस्था के साथ संचालित किया जा रहा है है।
22 मामलों में बाल विवाह रूकवाए गए
वहीं पर्यटन के क्षेत्र में विकास खण्ड इकौना अन्तर्गत टंडवा महन्थ में स्थित पौराणिक सीताद्वार झील की सफाई कराते हुए इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। जनपद में मण्डल का एकमात्र एयरपोर्ट जल्द ही उड़ान संचालित करने हेतु तैयार हो रहा है। जिससे यहां पर पर्यटन रोजगार जैसे क्षेत्रों में वृद्धि दिखाई पड़ेगी। वहीं बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रत्येक नागरिक को समर्थ करने के लिए मोबाइल आधारित मिशन परिपक्व ऐप संचालित किया जा रहा है। जिसके माध्यम से आमजन अपने आसपास हो रहे बाल विवाह की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सके। इसमें सूचनादाता का नाम गोपनीय रखा जाता है। इसके तहत अब तक 22 मामलों में बाल विवाह रूकवाए गए हैं।
41102 कृषकों को इक्कीस करोड़ चैरासी लाख का अनुदान दिया जा चुका
बताते चलें कि वर्ष 2022 में आई भीषण बाढ़ ने समस्त जनपद में तबाही मचा दी थी, जिसके चलते जहां सैकड़ों गांव में पानी भर गया था तो वहीं रामनगरा गांव का पूरा अस्तित्व मिट गया था। वहीं बाढ़ से पूरी तरह कट चुके रमनगरा ग्राम के 37 परिवारों को मकान निर्माण हेतु कुल चैवालीस लाख चालीस हजार रूपये का अनुदान दिया गया है। वहीं बाढ़ आपदा से प्रभावित अब तक कुल 41102 कृषकों को इक्कीस करोड़ चैरासी लाख का अनुदान दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जनपद में 430 आपदा मित्रों को स्वयं सेवक के रूप में प्रशिक्षित किया गया तथा इनको लाइफ जैकेट जरूरी दवाईयां व अन्य बचाव उपकरण पूर्व में ही उपलब्ध कराए गए।
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