शासन के नियम को ताक पर रखकर काट रहे कॉलोनी
कॉलोनी में बिजली-सड़क-पानी को तरसते रहवास
अनुराग शर्मा सीहोर
सीहोर में अवैध कालोनियों में अवैध रूप से प्लाटिंग कराई जा रही है। जितना भी आवासी निर्माण कार्य हो रहा है। उसमें से अधिकांश में नियमों का पालन दिखाई नहीं दे रहा हैं।
आबादी का बोझ दिन पर दिन पड़ रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा कॉलोनी काट रहे कोलोनाइजर। सीहोर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यहां नियमों को ताक पर रखकर अनधिकृत कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। फिर भी अफसर अनजान बने हैं।
सीहोर के आसपास सीहोर भोपाल पुराना रोड और बायपास काटी जा रही है जिस पर कई मकान भी बन चुके हैं। और कई मकान निर्माण धीन भी है। जबकि यह कॉलोनी प्रशासन ने अवैध घोषित कर नोटिस भी जारी किए थे। लेकिन इस कॉलोनियों में प्रशासन के रिकॉर्ड में इन बिल्डरों को कोई कार्रवाई ना होना इस बात की ओर इशारा करता है। कि उन्हें अधिकारियों की भी शह मिली हुई है। अवैध रूप से बनाई गई कॉलोनियों में लोगों को जल निकासी पेयजल सड़क बिजली किसी भी प्रकार की सुविधा कॉलोनी नाइजर नहीं दी है। जिससे कॉलोनी निवासियों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वही नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की जा रही है।वही कॉलोनी निवासियों ने बताया कि लगभग आधा किलोमीटर दूर से बिजली घर तक लाना पड़ रहा है। कॉलोनी नाइजर ने प्लाट तो बेचे लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं दी है।पानी बिजली सभी दूर-दूर से लाना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार यह कॉलोनी सीहोर निवासियों की बताई जा रही हैं। जिसमे कोलोनाइजर कॉलोनी में प्लाट काट रहे हैं। नियमानुसार कोई भी कॉलोनी बिना रेरा में पंजीकृत कराए नहीं काटी जा सकती। रेरा के तहत कॉलोनी में प्लॉटों की बिक्री पहलेपानी,सीवरेज,वाटर ट्रीटमेंट आदि की व्यवस्था होना अनिवार्य है। यही नहीं उन क्षेत्रों में कॉलोनियां वही काटी जा सकती हैं। जहां कृषि भूमि को आवासीय भूमि में परिवर्तित कराया जा चुका होगा। पर यहां कट रहे कालोनी में न तो कोई वाटरलाइन जा रही है,न ही सीवरलाइन का पता है। और यहां रसूखदार यहां आकर यह काम तेजी से कर रहे हैं। यह प्लॉट भविष्य में बड़ी मुसीबत बनेगी। कॉलोनी में रहने वाले लोग जब उसका शिकायत करते हैं तो कोलोनाइजर की ओर से पल्ला झाड़ लिया जाता है।
रेरा के नियम
रेरा में पंजीकृत के नियम है कि उस कॉलोनी की मुख्य सड़क 30 से 35 फिट की होगी। इसकी सहयोगी कॉलोनी के अंदर की सड़कें 25 सीट से कम नहीं होगी। किसी भी कॉलोनी काटने से पहले उसका भूमि परिवर्तन करवाना आवश्यक है। बिना 143 ए कोई भी कॉलोनी नहीं काटी जा सकती। कॉलोनी काटने से पहले पानी के पेयजल लाइन,सीवरेज सिस्टम,बिजली,प्रदूषित पानी ट्रीटमेंट प्लांट,आदि के साथ ही कॉलोनी की चौहद्दी भी जरूरी है। पर ईद कॉलोनी में उन सब में इनमें से किसी का भी पालन नहीं किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है इस कॉलोनी में 50 से 60 परसेंट प्लॉटों पर बिना सड़क की ही बेचा जा चुका है।
मौन है अफसर
क्षेत्रों में कट रही कॉलोनियों और उसमें नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने में का काम प्रशासन करता है। लेकिन अधिकारी और उनके इन विभागों के संबंधित क्षेत्र देख रहे अभियंता सच्चाई जान कर भी अंजान बने हुए हैं।