कभी भी शुरू हो सकता है छलकना, सप्ताहांत में बड़ी संख्या में पहुंचे सैलानी; चेतावनी के बावजूद जोखिम वाले स्थानों पर सेल्फी का दौर
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हलाली डैम में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। शनिवार शाम तक बांध का जलस्तर 459.27 मीटर यानी करीब 1507 फीट पहुंच गया। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी और आगामी दो दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए बांध के जल्द ही लबालब होने की स्थिति बन गई है। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर एक फीट और बढ़ते ही चैनल गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू करनी पड़ सकती है। गेट खोलने से पहले आसपास के गांवों के रहवासियों को सूचना देने की बात कही गई है।
अनुविभागीय अधिकारी बीके बागुल्या ने बताया कि शनिवार को हलाली डैम का जलस्तर 1507 फीट दर्ज किया गया है। यदि जलस्तर एक फीट और बढ़ता है तो चैनल गेट खोल दिए जाएंगे। आगामी दो दिनों में बारिश की संभावना है, ऐसे में बांध के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
पिछले साल भी कई बार खोले गए थे गेट
पिछले वर्ष भी हलाली डैम का जलस्तर 1508 फीट के करीब पहुंचने पर कई बार गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी थी। इस वर्ष भी बांध में लगातार हो रहे जलभराव से ऐसी स्थिति बनने की संभावना है। पर्याप्त पानी होने से क्षेत्र के किसानों में भी उत्साह है। किसानों को उम्मीद है कि रबी सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा।

14 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा लाभ
हलाली डैम में पर्याप्त जलभराव होने से करीब 14 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। इसके अलावा रायसेन और विदिशा जिले के हजारों लोगों को पेयजल भी उपलब्ध कराया जाता है। बांध के पूर्ण जलभराव की स्थिति में किसानों को सिंचाई सहित अन्य कृषि जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है।
61 गांवों तक पहुंचेगा हलाली का पानी
हलाली समूह जलप्रदाय योजना के तहत आने वाले समय में बांध का पानी सांची विकासखंड के 25 और भोपाल जिले के 36 गांवों, कुल 61 गांवों तक पहुंचाया जाना है। सांची विकासखंड के कई गांवों में पानी पहुंचना शुरू भी हो चुका है, जबकि शेष गांवों में आगामी महीनों में जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।
बांध लबालब होने से सैलानियों की बढ़ी भीड़
हलाली डैम में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच शनिवार-रविवार की छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में सैलानी बांध का नजारा देखने पहुंचे। चैनल गेट और आसपास के क्षेत्रों में लोग पानी की तेज लहरों को देखने के साथ फोटो और वीडियो बनाते नजर आए। बांध के लबालब होने की स्थिति के कारण यहां का नजारा इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
चेतावनी के बावजूद जोखिम वाले स्थानों पर पहुंच रहे पर्यटक
बांध के आसपास सुरक्षा को लेकर सैलानियों को लगातार चेतावनी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग प्रतिबंधित और जोखिम वाले स्थानों तक पहुंचकर सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। पानी का बहाव तेज होने के कारण यहां कभी भी हादसा हो सकता है। इससे पहले भी बारिश के मौसम में हलाली डैम पर कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पिकनिक के साथ बढ़ रही गंदगी, प्लास्टिक से वन्यजीवों को खतरा
बारिश के मौसम में हलाली डैम पर पिकनिक मनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रायसेन, भोपाल, विदिशा, बैरसिया सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। हालांकि कई पर्यटक पिकनिक के बाद पानी की बोतलें, पॉलिथीन, बचा हुआ भोजन और अन्य कचरा वहीं छोड़कर चले जाते हैं। इससे बांध और आसपास का क्षेत्र गंदा हो रहा है।
प्लास्टिक और पॉलिथीन के खुले में पड़े रहने से जंगली जानवरों के इन्हें खा लेने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में पर्यटकों से अपील है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, पानी के तेज बहाव और चैनल गेट के आसपास न जाएं तथा पिकनिक के बाद कचरा अपने साथ ले जाकर निर्धारित स्थान पर ही डालें।
भोपाल से आए सैलानी शैलेंद्र साहू और बेरसिया से आए मनोज साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि इंस्टाग्राम पर हमने देखा की हलाली डैम फुल भरा गया है तो हम है कीजिए उसको देखने के लिए आए हैं। हो सकता है एक-दो दिन में हलाली डैम का छरछरा चालू हो जाए इसको देखने फिर हम फैमिली को लेकर साथ आएंगे।