घटना दुर्घटना के बाद घंटों करना पड़ता हे इंतजार
– दुर्घटना का समय पर नहीं चल पाता, कई घंटे तक डेड बॉडी रेलवे ट्रैक पर पड़ी रहती है
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले दीवानगंज रेलवे स्टेशन और सलामतपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस के नहीं होना चिंता का विषय बनता जा रही है इन स्टेशनों पर आए दिन होने वाली घटनाओं और दुर्घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, जब भी रेलवे ट्रैक पर कोई हादसा होता है चाहे वह दुर्घटना हो या आत्महत्या तो समय पर पुलिस को सूचना नहीं मिल पाती। जिस कारण रेलवे ट्रैक के आसपास कई घंटे तक डेड बॉडी पड़ी रहती है। कभी-कभी तो ऐसा मौका भी आया की पूरी रात रेलवे ट्रैक पर डेड बॉडी पड़ी रही। और कई ट्रेन स्टेट बॉडी के ऊपर से निकल गई।
स्थानीय स्तर पर कोई स्थायी जीआरपी चौकी न होने के कारण घटनास्थल पर पुलिस के पहुंचने में काफी देरी हो जाती है। इस वजह से कई बार मृतक का शव घंटों तक ट्रैक या उसके आसपास ही पड़ा रहता है, जिससे मानवीय संवेदनाओं को ठेस पहुंचती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन स्टेशनों पर जीआरपी की तैनाती की जाए तो न केवल घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई हो सकेगी, बल्कि अपराधों और दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण लगाया जा सकता है। साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा भावना भी मजबूत होगी।
ग्रामीणों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि दीवानगंज रेलवे स्टेशन और सलामतपुर रेलवे स्टेशन पर शीघ्र जीआरपी चौकी स्थापित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत सहायता और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।