विनोद साहू बाड़ी रायसेन
साहू समाज की आराध्य देवी माँ कर्मा देवी जयंती के पावन अवसर पर नगर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर साहू समाज नगर अध्यक्ष शरद साहू एवं सकल साहू समाज के नेतृत्व में भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें महिला मंडल अध्यक्ष सरिता साहू सहित समाज की माताओं-बहनों और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
कार्यक्रम को लेकर माताओं और बहनों में सुबह से ही विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हुईं और पूरे उत्साह के साथ जुलूस व पूजा-अर्चना में भाग लिया। वहीं पुरुष सफेद कुर्ता-पजामा और गले में माँ कर्मा देवी का गमछा धारण किए हुए नजर आए, जबकि लड़कियां पंजाबी वेशभूषा में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाती दिखाई दी।
जुलूस की शुरुआत पुराने बाजार से माँ कर्मा देवी की आरती के साथ हुई। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड स्थित माँ कर्मा देवी मंदिर पहुँचा, जहाँ विधि-विधान से महाआरती कर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान जगह-जगह समाजजनों द्वारा पुष्प वर्षा कर माँ कर्मा देवी की पूजा-अर्चना की गई।
जुलूस में माँ कर्मा देवी और भगवान जगन्नाथ की आकर्षक झांकी विशेष रूप से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। दोनों की सुसज्जित झांकी अत्यंत मनमोहक लग रही थी। वहीं छोटे-छोटे बच्चे राधा-कृष्ण और उनकी टोली के रूप में सजे हुए नजर आए, जिन्होंने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से जुलूस की शोभा और भी बढ़ा दी।
कर्मा देवी जयंती पर चावल की खिचड़ी (जगन्नाथ का भात) का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि माँ कर्मा देवी ने भगवान जगन्नाथ को सच्चे भाव से चावल की खिचड़ी का भोग लगाया था, जिससे प्रसन्न होकर भगवान जगन्नाथ ने भक्त की भक्ति को स्वीकार किया। इसी कारण साहू समाज में इस दिन “जगन्नाथ का भात, जगत पसारे हाथ” की परंपरा के साथ खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया जाता है।
इसके पश्चात समाज के सभी लोग सीता स्वयंवर मैरिज गार्डन पहुँचे, जहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंचासीन समाज के प्रबुद्ध जनों ने समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसमें विशेष रूप से रसोई (तेरहवीं) में होने वाले अनावश्यक खर्च और दिखावे को बंद करने की बात कही गई तथा पगड़ी रस्म को भी समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसका उपस्थित समाजजनों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
इस अवसर पर पूर्व मध्यप्रदेश प्रदेशाध्यक्ष ताराचंद साहू ने अपनी माताजी एवं भाई सुरेश कुमार के साथ संकल्प लिया कि वे रसोई में दिखावा नहीं करेंगे तथा रसोई में खर्च होने वाली राशि में से एक लाख रुपये माँ कर्मा देवी मंदिर को दान देंगे तथा 25 कन्याओं के विवाह में 10-10 हजार रुपये सहयोग राशि प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम में समाज के उन प्रतिभाशाली युवक-युवतियों को सम्मानित किया गया, जिनका चयन शासकीय सेवाओं में हुआ है। वहीं बच्चों ने अपनी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया*।
कार्यक्रम के अंत में समिति के सचिव बृजेश कुमार साहू ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम समापन के पश्चात सभी ने महाप्रसाद (चावल की खिचड़ी) ग्रहण कर कार्यक्रम का आनंद लिया।