सांची विदिशा के बीच गार्डनों में चल रहे शादी विवाह मे तेज आवाज में बज रहे डी जे छात्रों की मुसीबत बने,पढ़ाई में आ रहा विघ्न
देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
सांची विदिशा की दूरी लगभग आठ किमी है परन्तु इस क्षेत्र में बडी बडी होटलों एवं आवासीय कालोनियों के कारण सांची विदिशा की दूरी लगभग खत्म सी हो चुकी हैं इस क्षेत्र मे बडी बडी होटलों के खुलने से इनमें आये दिन शादी विवाह जैसे कार्यक्रम संपन्न होते है जिससे आसपास के ग्रामों में रहने वाले छात्रों का भविष्य अंधकार में होता दिखाई देने लगा है ।
जानकारी के अनुसार वैसे तो सांची विदिशा की दूरी लगभग आठ किमी है परन्तु यह दूरी तब खत्म होती दिखाई देने लगी है जब अनेक लोगों ने इस क्षेत्र में कृषि भूमि खरीद कर बडी बडी होटलों एवं शादी हालों का निर्माण कर डाला तथा कृषि भूमि भी ऊंचे दामों के चलते लगभग समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई तथा इन होटलों में स्थानीय तथा बाहरी लोगों द्वारा आकर अपने पुत्र पुत्रियों के शादी विवाह जैसे कार्यक्रम संपन्न करने लगे ।जिससे होटलों की खासी आमदनी बढ गई ।ऐसे कार्यक्रमों मे जोरशोर से बिना किसी रोकटोक के डीजे सहित अन्य तेज ध्वनि से पूरा क्षेत्र गूंजने लगा ।इस क्षेत्र में सटे गांव नोनाखेडी कमापार सांची सहित दूर दराज क्षेत्र तक तेज आवाज से लोगों की नींद उड गई ।इसके साथ ही इन गांवों में अध्ययन रत छात्रों को भी अपने अध्ययन में बाधा उत्पन्न होने लगी ।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों छात्र छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं जिससे छात्रों के अध्ययन में इन होटलों में तेज ध्वनि से गूंजने वाले यंत्रों की तेज ध्वनि से जहाँ ध्वनि प्रदूषण तो हो ही रहा है बल्कि छात्रों की सालभर की मेहनत पर भी विपरित प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है इन ग्रामों के ग्रामीणों सहित छात्रों ने बताया कि आये दिन होने वाले कार्यक्रम से तेज ध्वनि के कारण जहां लोगों की नींद उड गई है तो दूसरी ओर छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों का भविष्य भी अंधकार की ओर पहुंच रहा है जबकि उच्च न्यायालय द्वारा डीजे सहित तेज आवाज से बजने वाले बैंडबाजों पर गाइड लाइन निश्चित कर दी गई हैं तथा पुलिस प्रशासन द्वारा भी तमाम होटल संचालक एवं गार्डन संचालकों को न्यायालय द्वारा निश्चित गाइड लाइन से अवगत कराते हुए चेतावनी भी दे दी गई है तथा नियमों के उल्लंघन करने पर कार्यवाही करने की भी चेतावनी दी जा चुकी है बावजूद इसके इसका असर न तो गार्डन संचालकों न ही होटल संचालकों पर पडता दिखाई दे रहा है इन वार्षिक परीक्षाओं के दौरान लगातार ऐसे कार्यक्रम तथा तेज ध्वनि यंत्रों सहित तेज रंगबिरंगी लाइट से लोग खासी परेशानी उठाने पर मजबूर हो चुके है इन सभी समस्याओं से प्रशासन भी पूरी तरह बेफिक्र हो चुका है हालांकि वार्षिक परीक्षाओं के दौरान तेज ध्वनि यंत्रों पर लगाम कसने जिलाकलेक्टर द्वारा भी दिशा निर्देश जारी किए जा चुके है परन्तु दबंग होटल संचालकों गार्डन संचालकों को न तो कलेक्टर के आदेश न ही न्यायालय की गाइड लाइन न ही स्थानीय पुलिस की चेतावनी ही प्रतिबंधित करने में सफल हो सकी है इसका सीधा प्रभाव छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं पर पडने की संभावना प्रबल हो चुकी हैं ।