प्रभु श्रीराम के ननिहाल में डॉ स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज
सुरेंद्र जैन सांकरा निको रायपुर
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर डॉ स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज जी का मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के ननिहाल की पावन धरा पर मंगल पदार्पण हुआ इस दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में स्वामी जी ने कहा कि धर्म परिवर्तन करने वालो को आरक्षण ओर सरकारी सुविधाओं का लाभ कभी नहीं मिलना चाहिए संत समाज सरकार के समक्ष भी इस बात रखेंगी
आचार्य महामंडलेश्वर डॉ स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज जी ने कहा कि नितिन गौरीशंकर अग्रवाल के आग्रह पर उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम चन्द्र जी के ननिहाल में आने का सौभाग्य मिला है छत्तीसगढ़ की धरा बहुत पावन ओर पवित्र धरा जहां माता कौशल्या का धाम ओर दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी शक्तिपीठ है।
*अगवानी में उमड़ा श्रद्धा भक्ति का सैलाब*
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर डॉ स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज जी की माना विमानतल पर अगवानी में श्रद्धा ओर भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा राजनीतिकों से लेकर सामाजिक धार्मिक संगठनों से जुड़े धर्मप्रेमियों के अलावा आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में लोग माना विमानतल में स्वामी जी की अगवानी ओर उनके दर्शन करने पहुंचे जैसे ही स्वामी जी माना विमानतल पहुंचे वैसे ही विमानतल परिसर ॐ नमः शिवाय ओर स्वामी जी की जयकारों से गूंज उठा
विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल और नितिन अग्रवाल ने सहित कई बड़ी हस्तियों ने पुष्पहारों से स्वामी जी का स्वागत ओर अभिनंदन के साथ चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया
छत्तीसगढ़ के संबंध में बोलते हुए स्वामीजी ने कहा की यह बहुत धार्मिक धरा है यहां के लोगों की परंपरा और सांस्कृति है यह मा दंतेश्वरी जी का शक्तिपीठ भी है प्रभु श्रीराम जी के काल से ही छत्तीसगढ़ को मानने वाले लोग यहां रहते है यहां के लोगों में साधु संतों के प्रति आस्था और विश्वास है अन्य राज्यों की अपेक्षा यह महत्वपूर्ण राज्य है धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं पर स्वामी जी ने कहा कि सनातीयों को अपने धर्म में रहते हुए काम करना चाहिए शासन को भी इसमें संज्ञान लेकर प्रभावी कार्यवाही करनी चाहिए उन्होंने कहा कि धर्मांतरण दो प्रकार के होते है बलात और लोभ होता ये दो प्रकार के होते हैं हमें दोनों में नहीं होना चाहिए हम श्री कृष्ण और राम के उपासक है स्वामी जी ने यह भी कहा कि हम किसी धर्म की निंदा नहीं करते है मूल में सब परंपरा है उन्होंने कहा कि लालच देकर धर्मांतरण कराना अनुचित है