देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
नगर में सरकार की सौगात के रूप में नगर के सांदीपनि विद्यालय को नवनिर्मित करोड़ों की लागत से भवन मिलने जा रहा है हालांकि भवन लगभग छिटपुट कार्य को छोड़ कर पूर्ण हो चुका है इस विद्यालय में अध्ययन करने वाले छात्रों की भवन की समस्या खत्म हो जायेगी।
जानकारी के अनुसार इस नगर में शाउमावि हुआ करता था तथा इस विद्यालय का भवन तब अस्तित्व में आया था जब देश की आजादी के बाद वर्ष 1955 मे जनता कालेज के नाम से यह भवन तैयार कराया गया था तथा उस समय भारत के तत्कालीन रेलमंत्री लालबहादुर शास्त्री के कर कमलों द्वारा इस भवन का लोकार्पण किया गया था तब से ही इस भवन में शा उ मा वि संचालित होता आ रहा था विगत वर्षों में क्षेत्रीय विधायक तथा पूर्व मंत्री मप्र शासन के प्रयासों से इस विद्यालय के नवीन भवन की स्वीकृति मिली तथा सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की राशि आवंटित कर इसे आधुनिकता का जामा पहनाया गया लंबे समय से इस भवन का निर्माण जारी था तथा इस भवन को आधुनिकता प्रदान करते हुए छात्रों की बढती संख्या के आधार पर निर्माण कराया गया है ।भवन निर्माण के पहले ही इस विद्यालय में अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है तथा वर्तमान में इस विद्यालय में छात्रों की संख्या में भी काफी बृद्धि हुई है तथा छात्रों की संख्या लगभग 1100 तक पहुंच गई है इतना ही नहीं उच्च शिक्षा प्रदान करने विद्यालय को 12 स्कूली बसे भी उपलब्ध कराई गई है यह बसे छात्रों को दूर दराज क्षेत्र से लाना लेजाने के कार्य में जुटी हुई हैं इस विद्यालय में आने वाले छात्रों लगभग बीस किमी के क्षेत्र से आते जाते है बांसखेडा गुलगांव ऐरन सहित बेरखेड़ी दीवानगंज खामखेड़ा रतनपुर तिजालपुर बरोला बागोद सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से छात्रों को अध्ययन हेतु लाया ले जाया जाता है ।वर्तमान में इस कार्यालय के प्राचार्य के रूप में तेज तर्रार अनिल दीक्षित कमान संभाल रहे है तथा इस विद्यालय में छात्रों को अनुशासन का पाठ पढाया जाता है इसके बाद इस विद्यालय में सभी विषयों पर शिक्षा प्रदान की जाती है हालांकि नवीन भवन लोकार्पण पश्चात विद्यालय को स्थानांतरित करने की कार्यवाही की जायेगी ।हालांकि इस विद्यालय का नाम शिवराज सिंह चौहान सरकार मे सीएमराइज स्कूल रखा गया था परंतु जैसे ही डा मोहन यादव सरकार आई तब इस विद्यालय का नाम बदल कर सांदीपनि विद्यालय कर दिया गया था ।हालांकि नवीन भवन के साथ ही सरकार अथवा शिक्षा विभाग को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षकों सहित अन्य सुविधाओं की पूर्ति की ओर भी ध्यान देना होगा जिससे छात्रों को पूर्णरूप से सुविधाएं मुहैया हो सकें