विजी लवानिया गौहरगंज, रायसेन
औबेदुल्लागंज की कई कॉलोनीयों में गंदे पानी के रिसाव से सवाल उठता है कि परेशान जनता कहाँ गुहार लगाये। लाखो रुपय खर्च कर लोग अपने सपनों के आशियाने बना रहे हैं परन्तु उक्त गंदे पानी के रिसाव का हल निकलता नहीं दिख रहा है। महावीर कॉलोनी, विद्यानगर, शिव दिग्विजय कॉलोनी, अशोक बिहार एवं अन्य वैध व अवैध कॉलोनी के कॉलोनाइज़र घर के सामने गंदे पानी का अम्बार साफ करने में असमर्थ हैं। जनता का कहना हैं कि पार्षद वोट लेने आते हैं और पांच सालों तक कोई समस्या पूछने नहीं आता। नाली का गंदा पानी घरों के आसपास एकत्रित हो जाता है जिससे बिमारियों को खुला न्योता दिया जा रहा है।
कॉलोनी काटने के लिए निम्नलिखित नियम पूरे करना अनिवार्य हैं, इन परमिशनों के बिना कोई भी कार्य अवैध है।

1. सबसे पहले संबंधित पंचायत, परिषद या निगम से एनओसी
2. मिट्टी की टेस्टिंग रिपोर्ट
3. रेरा नंबर, इसी नंबर के बाद ग्राहक के हितों के लिए 3 सदस्यीय कमेटी रहती है।
4. टीसीपी द्वारा निर्धारित मापदंडों पर परमिशन।
5. पेड़ काटने की अनुमति और अन्य परमिशन आदि,
इसके बाद ही किसी भी भूमि पर कोई कार्य शुरू हो सकता है।
यह स्पष्ट नहीं है कि कॉलोनाइज़र इन सभी मापदंडो पर खरे उतरते हैं या केवल जल्दबाज़ी में कॉलोनी काटकर, मनमाने दामों पर प्लाट बेच देते हैं। सफाई नगर के बाहर दिखाई देती है वहीं, नगर के अंदर सब सीवेज न होने से परेशान हैं। जनता के बोर में गन्दा पानी आ रहा है जिसकी जाँच करना ज़िम्मेदारों को नागवारा लगता है। नगर में कई जगह लोगों ने नाली के ऊपर निर्माण कार्य कर दिये हैं। नालियाँ साफ करने से पहले अतिक्रमण हटाने होंगे लेकिन लोग नेतागिरी कर विकास कार्य रुकवा देते हैं। सूत्रों के मुताबिक नालियों के सीवेज का ठेका पहले दिया जा चुका है परन्तु रहवासी घर के सामने का अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं हुए वहीं, ठेकेदार आधा अधूरा कार्य कर फरार है। अब देखना होगा कि औबेदुल्लागंज की बड़ी-बड़ी कॉलोनीयाँ कब जनता को नालियों के पानी से राहत देंगी।