रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र से बेतवा नदी में फैल रहे प्रदूषण की जांच एवं सफाई के लिए 25 नवंबर 2025 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर रायसेन द्वारा एक संयुक्त जांच दल गठित किया गया था। दल को 10 दिनों में सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी!लेकिन 30 दिसंबर तक न तो सर्वे पूरा हो सका और न ही रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

जानकारी के अनुसार कई औद्योगिक इकाइयों द्वारा बिना शोधन के अपशिष्ट जल नालों के माध्यम से बेतवा नदी में छोड़ा जा रहा है!जिससे नदी का जल, भूजल और कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। जांच दल में एसडीएम गोहरगंज, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी मंडीदीप को शामिल किया गया था।

संरक्षित नदी की श्रेणी में आने वाली बेतवा की सफाई और संरक्षण को लेकर अधिकारियों की यह ढिलाई गंभीर सवाल खड़े करती है। समय पर कार्रवाई नहीं होने से बेतवा नदी के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है।
जांच करने वाले अधिकारियों द्वारा लगातार समय के आभाव का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं! पर कोई भी अधिकारी नहीं चाहता की बेतवा में मिलने वाला फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला पानी बेतवा में ना मिले जिससे बेतवा सुरक्षित हो सके!

मण्ड देहरी निवासी दशरथ मीणा ने प्रशासनिक अधिकारियो पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया की जब रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा द्वारा 10 दिन मे जाँच करने को लेकर अधिकारियो को लेटर जारी किया था !पर एक महीने से ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद भी अधिकारियों द्वारा जांच नहीं की गई है!जिससे आप अधिकारियों की लापरवाही का अंदाजा लगा सकते हैं!अधिकारी कलेक्टर के आदेश का भी पालन नहीं कर रहे अधिकारी नहीं चाहते कि बेतवा में मिलने वाले गंदे पानी को रोका जा सके!