सी के पारे हरदा
ओंकारेश्वर में 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक नाव संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा। यह निर्णय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए लिया है, क्योंकि नए साल के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं
इस दौरान नर्मदा नदी में किसी प्रकार का नाव का संचालन नहीं किया जाएगा और जो भी नाविक इस आदेश का उल्लंघन करते पाया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जावेगी। यह प्रतिबंध इसलिए लगाया क्योंकि पिछले वर्षों में नाव पलटने और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ चुकी है, जिन में जान माल का नुकसान हुआ है। ओम्कारेश्वर एक महत्वपूर्ण शेव तीर्थ है, जो मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के मध्य स्थित है यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है इसका आकार ॥ऊं॥ओमकार जैसा प्रतीत होता है, ओंकारेश्वर में दो प्रमुख मंदिर है ओंकारेश्वर मंदिर और ममलेश्वर मंदिर। मां नर्मदा भारत की पवित्रम नदियों में से एक है और ओंकारेश्वर के चारों ओर बहती है।
नगर परिषद में नविको से अपील की है, कि वह आदेश का पूरी तरह पालन करें। दिनांक 30 दिसंबर 25 से 1 जनवरी 2026 तक तीन दिन की अवधि में किसी भी प्रकार का अवैध नाव संचालन ना करें,आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंध पूरे तीन दिनों के लिए ओंकारेश्वर की संपूर्ण तीर्थ नगरी में लागू कर दिया है।