चंडीगढ़। देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक, PGIMER चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय चिकित्सा अधिवेशन ने स्वास्थ्य शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और नेतृत्व के नए आयाम प्रस्तुत किए। इस प्रतिष्ठित समारोह में देश भर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शिक्षकों और युवा चिकित्सा पेशेवरों ने सम्मिलित होकर ज्ञान, अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए।
अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने वाले विषयों—डिजिटल हेल्थ, सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियाँ, रोगी सुरक्षा, कौशल विकास, और भविष्य की चिकित्सा—पर सारगर्भित विमर्श को आगे बढ़ाना रहा। विभिन्न सत्रों, पोस्टर प्रस्तुतियों और पैनल चर्चाओं ने चिकित्सा जगत की वर्तमान चुनौतियों तथा आने वाले अवसरों पर उपयोगी संवाद स्थापित किया।
इस कार्यक्रम का समापन वैलेडिक्टरी समारोह के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के योगदान को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज चिकित्सकों से मिलना और उनके साथ विचार-विमर्श करना युवा डॉक्टरों के लिए प्रेरणादायक अनुभव रहा। उनकी उपलब्धियाँ और दृष्टिकोण चिकित्सा समुदाय को निरंतर उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करते हैं।

डॉ. हर्ष विभोर भारती का विचार
“चिकित्सा केवल उपचार की कला नहीं, बल्कि सीखने, सेवा करने और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की निरंतर यात्रा है। PGI चंडीगढ़ का यह अधिवेशन इसी भावना को और अधिक सुदृढ़ करता है।”
अधिवेशन ने यह स्पष्ट किया कि भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र तेज़ी से बदल रहा है और ज्ञान-विनिमय, सहयोग व नीतिगत नवाचार इसकी प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। ऐसे आयोजन चिकित्सा पेशे को न सिर्फ मजबूत बनाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर और अधिक संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएँ देने के लिए तैयार करते हैं।