भोपाल/हिन्दी नवजागरण के अग्रदूत, हिन्दी की पहली मौलिक कहानी के रचयिता, हिन्दी समालोचनाशास्त्र के उन्नायक, अर्थशास्त्र की हिन्दी शब्दावली गढ़ने वाले, राष्ट्रीय कार्यों के निमित्त होनहार प्रतिभाओं को प्रेरित करने वाले पं. माधवराव सप्रे की जन्मभूमि पथरिया में उनकी प्रतिमा का अनावरण 18 दिसंबर को किया गया। स्थानीय विधायक एवं मंत्री लखन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष डा. खिलान अहिरवार, नगर परिषद अध्यक्ष सुंदरलाल विश्वकर्मा तथा उपाध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रतिमा का अनावरण किया। उच्च शिक्षा विभाग सागर संभाग के अपर संचालक डा. नीरज दुबे, तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी और अनुविभागीय अधिकारी निकेत चौरसिया विशेष रूप से उपस्थित थे। सभी ने सप्रे जी की प्रतिमा पर पुष्प विसर्जन कर प्रणाम किया।
माधवराव सप्रे शासकीय महाविद्यालय पथरिया के प्राचार्य डा. विनयकुमार वर्मा ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। माधवराव सप्रे शिक्षा प्रसार समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र गुरु ने माधवराव सप्रे के यशस्वी व्यक्तित्व और कृतित्व का विस्तार से परिचय दिया। मुख्य अतिथि मंत्री लखन पटेल ने सप्रे जी की राष्ट्र के लिए सेवाओं के महत्व से विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों को परिचित कराया। कार्यक्रम का संचालन डा. गजेन्द्र नामदेव एवं डा. हरिओम सोनी ने किया। डा. खुदैजा परवीन अंसारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।